कुंवरगांव (बदायूं)। कुछ दिन पूर्व उझानी ब्लॉक क्षेत्र में एक लवगुरु पकड़े गए थे। उनकी प्रेम कहानी खूब चर्चाओं में रहीं। लव गुरु को सस्पेंड कर दिया गया। फिर उन्हें अलग-अलग ब्लॉक क्षेत्र में अटैच कर दिया गया। उसी तरह सालारपुर ब्लॉक क्षेत्र में एक मामला सामने आया है। शादीशुदा प्रधानाध्यापक के प्रेमजाल में फंसी शिक्षिका और उसके परिवार वालों ने सोमवार को हाई वोल्टेज ड्रामा किया।
सालारपुर ब्लॉक क्षेत्र के एक विद्यालय में तैनात शिक्षिका का करीब तीन साल से प्रधानाध्यापक से प्रेम प्रसंग चल रहा था। प्रधानाध्यापक ने शिक्षिका से स्वयं विवाहित होने का जिक्र तक नहीं किया था। दोनों की प्रेम कहानी धीरे-धीरे पूरे गांव को पता चल गई। बताते हैं कि प्रधानाध्यापक के प्यार में अंधी शिक्षिका शादी के लिए तैयार थी लेकिन कुछ दिन पहले उसका दिल तब टूट गया, जब उसे पता चला कि प्रधानध्यापक विवाहित है। इसके बावजूद शिक्षिका प्रधानाध्यापक से ही शादी करना चाहती थी लेकिन प्रधानाध्यापक उससे छुटकारा पाना चाहता था। इधर पता चलने पर शिक्षिका के परिवार वालों ने उसके लिए लड़का तलाशना शुरू कर दिया। कई रिश्ते आए और टूट गए। एक से भी बात नहीं बनी। इस पर शिक्षिका बिगड़ गई और प्रधानाध्यापक पर शादी तुड़वाने का आरोप लगा दिया। इससे गुस्साए परिवार वाले सोमवार को विद्यालय में आ धमके। उन्होंने प्रधानाध्यापक के साथ खूब गाली गलौज की। काफी देर तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। इस दौरान वो बातें भी उखड़ीं, जो दोनों के बीच हुईं थीं। गांव के दर्जनों लोग यह तमाशा देखते रहे। किसी तरह स्कूल की छुट्टी होने पर मामला शांत हुआ।
ऐसे गुरुओं से क्या सीखेंगे बच्चे
कुंवरगांव। इस लव गुरु शिक्षक शिक्षिका की प्रेम कहानी को लेकर सोमवार को स्कूल में जो कुछ हुआ। उसे लेकर गांव के लोग ज्यादा चिंतित नहीं थे लेकिन उन्हें चिंता थी तो अपने नौनिहाल बच्चों के भविष्य की। अभिभावकों का कहना है कि राष्ट्र और समाज के निर्माता कहे जाने वाले शिक्षक ही ऐसी घिनौनी हरकत करेंगे तो भला कैसे उनसे पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य संभलेगा।
तीन साल, फिर भी अधिकारी मौन
कुंवरगांव। प्रधानाध्यापक और शिक्षिका के बीच चल रही प्रेम कहानी के बारे में ब्लॉक के लगभग हर शिक्षक और शिक्षिका को जानकारी है। समय समय पर प्रधानाध्यापक के साथी उनकी प्रेम कहानी को लेकर दबी जुवान से चुटकी भी लेते है, लेकिन विभागीय अधिकारी फिर भी आंखों पर काली पट्टी बांधे रहे।
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी। शिक्षण कार्य किसी भी हाल में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। क्योंकि पढ़ाई ही प्राथमिकता है।
-अजय कुमार, बीईओ सालारपुर