उझानी (बदायूं)। बदायूं से कछला या फिर वाया कादरचौक रूट पर ऐसी बोलेरो दौड़ रही है, जिसमें सवार बदमाश लिफ्ट देकर किसी को भी अपना शिकार बना लेते हैं। चार दिन के दौरान ऐसे ही तीन मामले सामने आए। पहले छात्र फिर ट्रांसपोर्टर को लिफ्ट देकर लूटा तो गुरुवार की रात बोलेरो सवार बदमाशों ने ई-रिक्शा पोलर और उसके चाचा को लूट का शिकार बना कर हैट्रिक पूरी कर ली।
वाहनों के इंतजार में सड़क किनारे खड़ी सवारियों को लिफ्ट देकर लूट की घटनाओं को बड़े ही शातिराना अंदाज में अंजाम दे रहे बोलेरो सवार बदमाशों ने अब्दुल्लागंज निवासी छात्र अमित सागर को पहला शिकार बनाया था। एक सप्ताह पहले वह बरेली से पेपर देकर घर लौटने को बदायूं के लालपुल के पास खड़ा था, उसी दौरान बोलेरो सवार बदमाशों ने उसे लिफ्ट देकर सेलफोन और छह सौ रुपये छीने थे। इसके दूसरे दिन वितरोई के पास कछला निवासी ट्रांसपोर्टर कमल सिंह बोलेरो सवार बदमाशों के झांसे में आ गए। कछला चौराहे से बोलेरो में बैठे ट्रांसपोर्टर दो सेलफोन और 62 सौ रुपये लूटे गए। बृहस्पतिवार की रात बदमाशों ने घटना को अंजाम देने की ट्रिक थोडी चेंज कर ली। नगर में हलवाई चौक से सवारियां बनकर ई-रिक्शा बुकिंग पर ले जाकर बदमाशों को अपने कार सवार साथियों को साथ मिला तो पोलर मोहल्ला भदवारगंज निवासी मनोज और उसके चाचा प्रेमशंकर को शिकार बना लिया गया। बदमाश ई-रिक्शा की बैटरियां भी निकाल ले गए थे।
कहीं बड़ी घटना का रिहर्सल तो नहीं कर रहे हैं बदमाश
उझानी। बोलेरो सवार बदमाशों ने लूट ही भले ही छोटी घटनाओं को अंजाम दिया, लेकिन इसे भी नहीं नकार सकते कि अगर छात्र समेत किसी के भी पास ज्यादा रकम होती तो बदमाश उसे छोड़ जाते। अब तक कि तीनों घटनाओं में बोलेरो ट्रेस नहीं हो पाई है। काफी हद तक संभव है कि वह इलाके की ही हो। ऐसा भी हो सकता है कि बदमाश किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की कोशिश में हों। इसी के तहत जो उनके हत्थे चढ़ता है, उसे शिकार बनाके निकल जाते हैं।
ई-रिक्शा पोलर और उसके चाचा से लूट की घटना वाले दिन बमनौसी रोड पर पुलिस का वाहन भी गश्त पर था। लूटपाट करने वाले वाहन का पता लगाने के लिए पुलिस की दो टीमें बनाई गई हैं। जल्द ही हकीकत पर से पर्दा उठ जाएगा।
- विनोद कुमार चाहर, प्रभारी निरीक्षक।