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Budaun News: मक्का के सरकारी खरीद केंद्रों पर लटक रहा ताला, किसान परेशान

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अमर सिंह नदेरी।
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बदायूं। जिले में मक्का खरीदने के लिए सात केंद्र खोले हैं। इन केंद्रों की पड़ताल की गई तो सदर तहसील क्षेत्र के दो और बिल्सी के एक केंद्र में ताला बंद मिला। इसके अलावा बिसौली, म्याऊं, दबतोरी में केंद्र ही नहीं हैं। इस वजह से किसान मायूस है। किसान आढ़ती को 1100 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल मक्का बेचने को मजबूर हैं। वहीं, सरकारी केंद्र पर मक्का का दाम 2250 रुपये प्रति क्विंटल हैं।
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बिल्सी नगर की गल्ला मंडी समिति में सरकारी खरीद केंद्र तो खोला गया है, लेकिन वहां पर ताला लटका है। इस कारण क्षेत्र के किसानों का मक्का सरकारी दर पर नहीं बिक रहा है। किसानों की उपज का दाम मंडी के व्यापारियों के रहम पर हैं। मंडी में 1900 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से मक्का खरीदा जा रहा है।



नहीं बनाए गए है खरीद केंद्र

म्याऊं। मक्का में 14 फीसदी की नमी होने पर 1200 से 1800 प्रति क्विंटल की दर से बिचौलिया खरीद रहे है। यहां पर किसानों को भुगतान के लिए 10 से 15 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। पैदावार होने के बावजूद म्याऊं और उसके आसपास सरकारी खरीद केंद्र मौजूद नहीं है। किसानों को 30 किमी दूर बदायूं मंडी जाना पड़ता है, लेकिन वहां भी इस समय मक्का की खरीद लगभग बंद है।
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आढ़तियों की एक राय, कम दाम पर कर रहे खरीद

तहसील बिसौली में सरकारी मक्का क्रय केंद्र न खुलने से किसानों को मंडी जाना पड़ रहा है। वहां पर आढ़तियों की एक-दाम, एक-राय का सामना करना पड़ रहा है। एक व्यापारी जो भाव लगा देता है, उससे ऊपर दूसरा खरीदने को तैयार नहीं होता। उनकी साठगांठ के आगे किसान मजबूर है। मजबूरी में कम दाम में उन्हें मक्का बेचना पड़ रहा है। दबतोरी क्षेत्र में मक्का उत्पादन में बड़ी मात्रा में हुआ है, लेकिन सरकारी खरीद केंद्र न होने के कारण बिचौलियों को किसान बेच रहे हैं। किसान सुभाष सिंह, मंगल कुमार का कहना है कि कम से कम 10 किलोमीटर दूरी पर एक सरकारी मक्का क्रय केंद्र खुलना चाहिए।
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आढ़ता पर मक्का बेचने को मजबूर
उझानी। कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में मक्का की आवक होने के बाद भी सरकारी क्रय केंद्र नहीं खोले जाने से किसान परेशान हैं। किसानों को मंडी आकर आढ़त पर मक्का बेचनी पड़ रही है। अहीरवारा निवासी चंद्रपाल ने बताया कि क्रय केंद्र होता तो वह बाजार जाकर मक्का नहीं बेचते। थोक व्यापारी अमित मित्तल का कहना है कि खुले बाजार में मक्का का भाव दो हजार रुपये प्रति क्विंटल है। मंडी में किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं हो रही है।



संभल में बेच रहे हैं मक्का
इस्लामनगर। आलू के बाद किसान मक्का की फसल बहुतायत में किए हैं। इस बार अच्छी पैदावार हुई है। यहां मक्का का कोई खरीद केंद्र नहीं है। इसलिए वह संभल के बहजोई की मंडी में मक्का बेचने जा रहे हैं। किसानों का कहना है कि एक हजार से लेकर 1800 रुपये प्रति क्विंटल रेट में मक्का बेचना पड़ रहा है।




बोले किसान

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मक्का की अच्छी पैदावार हुई है। सरकार को हर ब्लॉक स्तर पर सेंटर खोलना चाहिए। सरकारी सेंटर न होने से उन्हें मक्का की सही कीमत नहीं मिल रही है। मक्का बेचने के लिए संभल जाना पड़ रहा। - चेतराम, मढ़ाया गांव

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सरकार को मक्का सुखाने की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए। मक्का सूखी न होने की वजह से सस्ते दामों पर आढ़ती को बेचनी पड़ रही है। केंद्र में गीली मक्का नहीं ली जा रही। -अमर सिंह, नदेरी गांव

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मक्का लेकर जब बिल्सी क्रय केंद्र गए तो मानक के अनुसार न होने की बात कही गई। मानक का बहाना करके सेंटर इंचार्ज मक्का लेना ही नहीं चाहते हैं। अब संभल में मक्का बेचेंगे। - रन सिंह, मेहरोला


बयान
- केंद्र बंद होने की जानकारी नहीं है। अगर केंद्र बंद होंगे तो प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी केंद्रों की जांच कराई जाएगी। - अशोक वशिष्ठ, डिप्टी आरएमओ

अमर सिंह नदेरी।

अमर सिंह नदेरी।

अमर सिंह नदेरी।

अमर सिंह नदेरी।

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