राज्य कर्मचारियों का दर्जा देने और वेतन बढ़ाए जाने की मांग को लेकर 25 दिनों से चल रहा आंगनबाड़ी वर्करों का धरना सोमवार को उग्र प्रदर्शन में तब्दील हो गया। ज्ञापन न लेने पर भड़की आंगनबाड़ी वर्करों ने पहले से कलक्ट्रेट गेट पर तालाबंदी की। इसके बाद सड़क पर लेटकर मथुरा-बरेली हाईवे जाम कर दिया। जाम लगने और आंगनबाड़ी वर्करों के उग्र प्रदर्शन से प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। एडीएम ने मौके पर जाकर ज्ञापन लिया। इसके बाद ही सड़क का जाम खोला जा सका।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष मिथलेश कुमारी के नेतृत्व में धरने पर बैठीं वर्कर क्रमिक अनशन कर रही थीं। वहीं, पड़ोस में धरने पर बैठे शिक्षामित्रों का जिला राजस्व अधिकारी ने ज्ञापन लिया, लेकिन आंगनबाड़ी वर्करों का ज्ञापन नहीं लिया। इससे आंगनबाड़ी वर्कर भड़क गईं और जाम लगाकर कलेक्ट्रेट गेट पर तालाबंदी कर दी। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने जाम खुलवाने की कोशिश की, तो आंगनबाड़ी वर्कर सड़क पर लेट गईं। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इसके बाद मौके पर पहुंचे एडीएम को ज्ञापन दिया गया। इसके बाद ही आंगनबाड़ी वर्कर शांत हुई। उन लोगों ने कहा कि यदि उनके साथ जोर-जबरदस्ती की कोशिश की गई तो वे लोग उग्र प्रदर्शन से पीछे नहीं हटेंगी।
बता दें कि धरना-प्रदर्शन के बावजूद सीडीपीओ कार्यालय खोले जाने पर शनिवार को आंगनबाड़ी वर्करों ने आक्रोशित होकर सीडीपीओ कार्यालय में ताला जड़ दिया था। इसके बाद रविवार को भी आंगनबाड़ी वर्करों का प्रदर्शन जारी रहा था।
ये बैठीं क्रमिक अनशन पर
बदायूं। धरना प्रदर्शन के साथ ही आंगनबाड़ी वर्करों की ओर से शुरू किए गए क्रमिक अनशन में सरोज, सुखरानी, पुष्पा देवी, मुन्नी देवी, धर्मशीला, अनुराधा सक्सेना, सोनवती, सुमन, माया देवी, पुष्पा देवी शाम चार बजे तक अनशन पर डटी रहीं।
प्रदर्शन करने वालों में इनकी रही सहभागिता
बदायूं। प्रदर्शन और सड़क जाम करने वालों में शारदा देवी मौर्य, अर्चना शर्मा, सीता कश्यप, पूनम, राजकुमारी, भगवान देवी, रिजवाना वानो, सुशीला देवी, गीता रानी, महज वानो, नीरू माहेश्वरी, ब्रजेश, सुनीता, उज्मा, कुंती, मंजू चौहान, आदर्श लता भारती, कीर्ति सिंह, अर्चना गुप्ता, चांद बी, रिंकी खानम आदि शामिल रहीं।