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डीसीएम में फलों की क्रेट के पीछे छुपकर पहुंचे दर्जनों लोग, ड्राइवर ने वसूला एक-एक हजार रूपये किराया

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कादरचौक (बदायूं)। कोरोना को खत्म करने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन में किसी को भी घर से न निकलने को कहा जा रहा है। लॉकडाउन की वजह से दिल्ली जाकर काम करने वाले मुसीबत में फंस गए हैं। उनके पास न रोजगार है और न ही खाने को रोटी। दिल्ली सरकार बाहरी मजदूरों के लिए दावे के अलावा कुछ नहीं कर रही। मजबूरन दिल्ली में काम करने वालों को अपने घर लौटना पड़ रहा है। ट्रेनें और बसें बंद होने से अपने घरोें को लौटने वाले लोगों को कोरोना को कोरोनों के खतरे का भी अंदेशा नहीं है। वे तो किसी भी तरह अपने घर पहुंचना चाहते हैं। शनिवार रात दिल्ली से कुछ लोग एक डीसीएम में फलों की क्रेटों के पीछे छिपकर बदायूं पहुंचे।
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शनिवार रात कादरचौक पुलिस ने रमजानपुर के पास एक डीसीएम को रोक लिया। यह डीसीएम ककराला की तरफ जा रही थी। पुलिस के पूछने पर डीसीएम चालक ने बताया कि वह दिल्ली से फल पहुंचाकर लौट रहा रहा है। डीसीएम में पीछे की तरफ फलों की खाली क्रेटें रखी हुई थीं। शक होने पर पुलिस कर्मियों ने ऊपर चढ़कर क्रेटों के पीछे झांककर देखा तो उसमें दर्जनों लोग बैठे हुए थे। पुलिस को उन्होंने बताया कि सभी लोग दिल्ली में काम करते हैं। बसें और ट्रेनें बंद होने से उन्हें डीसीएम में बैठना पड़ा। सभी ककराला के रहने वाले हैं। डीसीएम चालक ने उनसे एक-एक हजार रुपये किराया लिया। बताया जाता है कि इसी बीच किसी ने ककराला फोन कर दिया। ककराला से कुछ नेताओं के फोन पुलिस के पास पहुंचे लगे। शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य की भी इसकी जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने चालक को ऐसा दोबारा न करने की चेतावनी देकर डीसीएम को जाने दिया।
डीसीएम में फलों की खाली क्रेट के अंदर सवारिया भरी हुई थी जिनसे रुपये लेकर दिल्ली से ककराला ले जाया जा रहा था। चूंकि उस समय सवारियों को उनके घर भेजना आवश्यक था, इसलिए चालक को चेतावनी देकर जाने दिया गया। - मुकेश बाबू, एसआई
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