बदायूं। कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद से लगभग पूरा शहर सील है। आवागमन बंद होने से लोग घरों में कैद हैं। लोगों को नमक, दाल, चावल, घी-तेल खत्म आदि जरूरी चीजों की दिक्कत न होने इसके लिए कुछ कारोबारियों को प्रशासन की ओर से पास जारी किए गए हैं। पास जरूरी सामान होम डिलीवरी का दिया गया है। मगर एक मॉल संचालक पास लेने के बाद शटर खोलकर ग्राहकों की भीड़ लगवा रहे हैं। जो सामान होम डिलीवरी कर रहे हैं उसका कीमत से सौ रुपये अतिरिक्त चार्ज ले रहे हैं। शर्त भी यह है कि एक हजार रुपये से कम का सामान नहीं पहुंचाएंगे। ये भीड़ लगवाने वाले तो जिले को रेड जोन में पहुंचा सकते हैं।
लॉकडाउन के दौरान लोगों को जरूरी वस्तुएं घर-घर पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने कुछ दुकानदारों और मॉल को पास जारी किए गए थे। पास जारी करते समय प्रशासन ने स्पष्ट कहा था कि घर सामान पहुंचाने का ग्राहक से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। मगर कारोबारी पास लेने के बाद कोरोना के खतरे को भूलकर कमाई का रास्ता ढूंढने लगे। शहर में रेलवे रोड पर स्थित एक मॉल संचालक होम डिलीवरी के नाम पर ग्राहक से सौ रुपये अतिरिक्त वसूल रहे हैं। यही नहीं ग्राहकों से कहा जाता है कि 100 रुपये की बचत करना है तो बुक किया सामान खुद मॉल जाकर लें। ग्राहक भी सौ रुपये बचाने के चक्कर में सामान लेने को मॉल जा रहे हैं, जिससे वहां भीड़ लग रही है। मॉल में लॉकडाउन का कोई पालन नहीं किया जा रहा है।
कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए सामाजिक दूरी जरूरी है। जिले में अब तक कोरोना के 16 मरीज मिल चुके हैं। इससे शहर और सहसवान हॉटस्पॉट बन गए हैं। हालांकि अभी बदायूं को ऑरेंज जोन में रखा गया है। मगर मंडियों दुकानों और मॉल में भीड़ जुटने जिले को रेड जोन में जाने का खतरा है।
पहले भी लॉकडाउन तोड़ चुका है मॉल संचालक
शहर में लॉकडाउन में मॉल खोलने का यह पहला मामला नहीं है। जब सबसे पहले लॉकडाउन लगा था तब भी इस मॉल संचालक ने मॉल खोलकर बिक्री की थी। दोपहर में अधिकारियों के पहुंचने पर उसने शटर गिराया। तब अधिकारियों ने दोबारा ऐसा न करने की हिदायत कर्मचारियों को दी थी, लेकिन अब फिर कोरोना के खतरे को भूलकर भीड़ लगवा रहे हैं।
कुछ लोग ऐसे भी जो कर रहे निस्वार्थ सेवा
शहर के कुछ व्यापारी निस्वार्थ भाव से लोगों के घर तक सामान पहुंचा रहे हैं। इनमें एक कारोबारी योगेश कुमार साहू भी हैं, जो होम डिलीवरी का कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं ले रहे हैं। आर्डर आने पर थोड़ा लोगों के सामान भी तुरंत पहुंचवा देते हैं।
व्यापारियों को पास इसलिए जारी किए हैं कि वो फोन फोन पर आने वाले आर्डर का सामान बगैर अतिरिक्त निशुल्क के लोगों के घरों तक पहुंचाएं। अगर इसमें कोई लापरवाही सामने आती है तो पास निरस्त किए जाएंगे। यदि मॉल संचालक द्वारा ऐसा किया जा रहा है तो इसकी भी जांच कराई जाएगी। - अमित कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट