लक्ष्मीपुर गांव में दो सप्ताह पहले ये बीमारी फैलना शुरू हुई थी। पहले तो लोगों ने गौर नहीं किया। जब यह संक्रामक की तरह फैलने लगी तो लोगों को समझ में आया। फिर भी बीमार इधर-उधर इलाज कराते रहे। गौर करने वाली बात है कि इस बीमारी की चपेट में आने वाले लोगों के शरीर में पहले तो खुजली होती है, बाद में फफोले पड़ने लगते हैं। सोमवार को गांव के लोगों ने इस बारे में आसफपुर स्वास्थ्य केंद्र पर खबर दी। मंगलवार को एएनएम रिजवाना गांव पहुंची। उन्होंने लोगों की जांच की। इस दौरान 30 ऐसे लोग मिले, जिनके शरीर पर फफोले थे।
पानी की खराबी भी हो सकती है वजह
बदायूं। संक्रामक रोग नियंत्रण सेल के प्रभारी डॉ. कौशल गुप्ता ने बताया कि त्वचा संबंधी बीमारियों की वजह पानी की खराबी भी हो सकती है। बीमारी की जद में आए लोगों के सैंपल जांच के साथ यहां के पानी के सैंपल की जांच भी जरूरी है। इस तरह के मामलों में अक्सर देखने में आता है कि पानी के साथ एक दूसरे के संपर्क में आने से यह बीमारी ज्यादा लोगों में फैलती जाती है। मात्र कुछ सावधानियां बरत कर ऐसी बीमारियों से बचा जा सकता है।
डार्क जोन में है आसफपुर ब्लाक
बदायूं। बिसौली तहसील का बिसौली और आसफपुर ब्लाक पहले से डार्क जोन में शुमार हैं। ऐसे में जानकार पानी की खराबी की बात से भी इंकार नहीं कर रहे। मौसम और पर्यारण वैज्ञानिक आलोक गौतम की मानें तो इस तरह की बीमारियों की वजह मौसम में हो रहे बड़े बदलाव और पानी की खराबी हो सकती है। सही वजह तो जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
मेरे संज्ञान में ये मामला नहीं है। आसफपुर पीएचसी से डॉक्टर को जाना चाहिए था। इस मामले को दिखवाया जाएगा। वैसे इस मौसम में त्वचा संबंधी बीमारियां भी संक्रामक होती हैं। इनमें सावधानी बरतने की जरूरत होती है। सैंपल की जांच के बाद ही इस बीमारी के बारे में कुछ कहा जा सकता है।
-डॉ. आरडी तिवारी, सीएमओ