प्राकृतिक आपदा को दृष्टिगत रखते हुए बैंकर्स किसानों के साथ सहानुभूति रखते हुए बैंक का लोन जमा करने के लिए किसी भी दशा में तकादा न करें। आर्थिक तंगी से गुजर रहे छोटे किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार 10 हजार रुपये तक का लोन देने में किसी प्रकार का संकोच न करें।
बृहस्पतिवार की शाम पंजाब नेशनल बैंक के ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी शंभूनाथ ने विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक को हिदायत दी कि इस संकट की घड़ी में किसानों के साथ सहानुभूति रखते हुए उनका हर संभव सहयोग करें। बैंक के कर्जदारों के विरुद्ध कर्ज की वसूली करने के लिए उत्पीड़न की कार्रवाई तो दूर की बात है, उनसे कर्ज जमा करने के लिए तकादा भी न किया जाए। उन्होंने कहा कि हर शाखा प्रबंधक अपने-अपने क्षेत्रों में आर्थिक तंगी से गुजर रहे भुखमरी जैसी स्थिति वाले छोटे किसानों को 10 हजार तक का लोन देने के लिए सक्षम है, उनकी भरपूर मदद करें। जिलाधिकारी ने पिछले खरीफ फसल की बीमा राशि तत्काल संबंधित किसानों के खातों में भेजने के निर्देश दिए। इन किसानों को कृषि निवेश अनुदान अंतर्गत चेक दिए गए हैं, उसके आधार पर किसानों के खाते में धनराशि भेजने में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि 33 प्रतिशत फसली नुकसान पर किसानों को निरंतर कृषि निवेश अनुदान वितरित किया जा रहा है। अब तक लगभग एक लाख 25 हजार किसानों को चेक वितरित किए जा चुके हैं। डीडी नाबार्ड ने कहा कि जिन बैंकों में किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने को जो भी आवेदन प्राप्त हों, उनको प्राप्ति की रसीद प्रत्येक दशा में दी जाए। इस अवसर पर उप निदेशक कृषि प्रसार अमरनाथ मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह, एलडीएम चारू भट्टाचार्य एवं विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक मौजूद रहे।