बिल्सी में रामकथा का श्रवण करते लोग। संवाद
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बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव रायपुर बुजुर्ग में स्कूल के सामने मैदान पर चल रही पांच दिवसीय संगीतमयी श्रीरामकथा के तीसरे दिन रविवार को सीता स्वयंवर की कथा सुनाई गई।
कथावाचक ओमप्रकाश ने भगवान राम व माता सीता के विवाह का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि राजा जनक के दरबार में भगवान शिव का धनुष रखा था। एक दिन माता सीता ने घर की सफाई करते समय धनुष को उठाकर दूसरी जगह रख दिया। इसे देखकर जनक आश्चर्यचकित रह गए, क्योंकि धनुष किसी से उठता नहीं था।
राजा ने प्रतिज्ञा की कि जो इस धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसी से सीताजी का विवाह होगा। इसके लिए उन्होंने स्वयंवर का आयोजन कर राजा और महाराजाओं को आमंत्रित किया। सभी ने धनुष को उठाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। गुरु की आज्ञा से श्रीराम धनुष उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाने लगे तो वह टूट गया।
कथा व्यास ने कहा कि रामकथा सुनने से जिंदगी का बेड़ा पार हो जाता है और प्राणियों का उद्धार होता है, जो लोग इस संसार रूपी भवसागर से पार पाना चाहते हैं उनके लिए सिर्फ श्रीराम नाम की नौका ही काफी है। कथावाचक ने इस दौरान अन्य प्रसंग भी सुनाए। इस मौके पर काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।