मिहौना में चल रही राम कथा में सोमवार को कथावाचक दाताराम शास्त्री ने श्रोताओं को धार्मिक कार्यक्रमों का महत्व समझाया। कहा कि जीवन में सुख और शांति के लिए भगवान राम का गुणगान करें।
कथावाचक श्री शास्त्री ने कहा कि भगवान राम ने मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाने के लिए जीवन में ऐसे कार्य किए जो इंसान अपने विचारों में शामिल कर ले तो जीवन ही सफल हो जाएगा। सभी जानते हैं कि राम तो अंतर्यामी थे लेकिन सबकुछ उन्होंने इंसानों की तरह की किया। वह चाहते तो लीला खेलने की जरुरत ही नहीं पड़ती। राम नाम उच्चारण को प्रभावी बताते हुए उन्होंने जीवन में नेक काम करने की सलाह दी।
श्री शास्त्री ने भगवान की लीलाओं के संगीतमय प्रसंग भी सुनाए। कहा कि वनवास के दौरान राम ने पिता के आदेश और सुग्रीव मिलन को मित्रता के लिए समर्पित किया। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को अपने कर्त्तव्य का पालन करना चाहिए। महिलाएं भी अपनी जिम्मेदारी को समझें। कथा की व्यवस्थाओं में गौरव चतुर्वेदी, कमल चौहान, चंद्रपाल, लल्लू चौहान, हरीओम, राजू, वीके चौहान, टीटू और ऋषिपाल आदि का सहयोग रहा।