बदायूं। सदर कोतवाली क्षेत्र के खंडसारी मोहल्ले में करीब छह साल पहले दीपावली की रात बुजुर्ग भाई-बहन की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में जिला सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र दिवाकर ने दो मुजरिमों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। उन पर 75-75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में पांच आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। दो आरोपियों की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है।
शहर के खंडसारी मोहल्ला निवासी बुजुर्ग रामगोपाल और उनकी बहन शांति देवी घर में परचून की दुकान चलाकर गुजारा करते थे। उनके कोई औलाद नहीं थी। उनके रिश्ते का भतीजा हरीश पुत्र गेंदनलाल खेड़ा नवादा स्थित काशीराम आवास में रहता था। दो नबंवर 2013 को छोटी दीपावली की रात हरीश अपने ताऊ रामगोपाल और बुआ के पास से होकर खेड़ा नवादा चला गया था। अगले दिन सुबह लौटने पर उसे ताऊ रामगोपाल और बुआ शांति की रक्त रंजित लाशें पड़ी मिलीं। इस मामले में हरीश ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। करीब दस दिन तफ्तीश करने के बाद पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा किया था। पुलिस ने इस मामले में सालिम उर्फ सलीम पुत्र बाबू निवासी मोहल्ला कुरैशी शेखूपुर, ईशाक उर्फ पहलवान पुत्र सिराजुद्दीन निवासी ग्राम फुलवाया थाना सिविल लाइंस, मोहम्मद कासिम और उसके भाई नासिर पुत्र सफातउल्ला, जहीम पुत्र कासिम, टीपू उर्फ सैनिक पुत्र हामिद, नईम उर्फ राजा पुत्र कासिम, भूरा उर्फ फहीम पुत्र इजरायल निवासी खंडसारी, रीनू उर्फ जावेद पुत्र वाजिद निवासी खेड़ा नवादा को जेल भेजने के बाद उनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
जिला सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र दिवाकर ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी अनिल सिंह राठौड़ और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद सालिम उर्फ सलीम और ईशाक उर्फ पहलवान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इन पर 75-75 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जबकि कासिम, नासिर, जहीम, टीपू, रीनू को दोषमुक्त कर दिया। इसके अलावा नईम उर्फ राजा की हत्या हो चुकी है। सुनवाई के दौरान भूरा उर्फ फहीम की भी मौत हो चुकी है।