बदायूं। रुपयों के लालच में साथी युवक की गला दबाकर हत्या करने वाले आरोपी को जिला सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र दिवाकर ने मुजरिम करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है, वहीं दूसरे आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।
हत्या की वारदात थाना सिविल लाइन क्षेत्र में आवास विकास कॉलोनी के पास माझिया रोड़ पर हुई थी। आवास विकास कॉलोनी के ए ब्लॉक निवासी एकता पत्नी संजय रस्तोगी ने 24 जनवरी 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक उसकी तबीयत खराब होने के कारण वह 20 जनवरी 2018 को अपने मायके बिल्सी गई थी। 24 जनवरी को उसे फोन से सूचना मिली कि उसके पति संजय का शव उसकी कार में माझिया रोड पर पड़ा है। एकता ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस की विवेचना में उसके परिचित न्यू आदर्श नगर निवासी कुंवरपाल पुत्र दयाराम और बरेली के थाना फतेहगंज पूर्वी के बिलपुर गांव निवासी अमर सिंह पुत्र रामदयाल का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
जिला सत्र न्यायाधीश रमेश चंद्र दिवाकर ने अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी अनिल सिंह राठौड़ और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद हत्या के आरोपी कुंवरपाल को मुजरिम ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने कुंवरपाल पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला जबकि अमर सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
दो लाख रुपये की वजह से गई थी संजय की जान
बदायूं। शहर के आवास विकास कॉलोनी निवासी संजय रस्तोगी एक प्राइवेट फर्म के माध्यम से अपनी रोजी रोटी कमाता था। संजय ने उसावां ब्लॉक की रिजौला ग्राम पंचायत में स्ट्रीट लाइट का काम किया था। संजय को फर्म के लिए छह लाख रुपये देने थे। संजय रुपयों की जुगत में अपने साथी कुंवरपाल के साथ जलालाबाद, शाहजहांपुर गया था। फर्म के मालिक ने फोन पर कई दफा संजय से बात की तो संजय ने बताया कि दो लाख रुपये की व्यवस्था हो गई है। यह बात संजय के साथ गए कुंवरपाल को मालूम थी। कुंवरपाल की नीयत में खोट आ गया। उसने संजय के साथ खाने-पीने के बाद आवास विकास के पास माझिया के ओर जाने वाली सुनसान रोड पर ले जाकर संजय की गला दबाकर हत्या कर दी और भाग गया था।