सिलहरी। कोतवाली सिविल लाइन क्षेत्र के बदायूं-मुरादाबाद रोड स्थित दहेमी, मौजमपुर और शिकारपुर गांवों के बीच जंगल में इन दिनों तेंदुए की दहशत से ग्रामीण सहमे हुए हैं। लगातार मिल रहे पगचिह्नों और हमलों की घटनाओं के चलते किसानों में भय का माहौल है, जिसके कारण खेतों में खड़ी गेहूं की फसल की कटाई तक प्रभावित हो रही है।
गांव दहेमी निवासी किसान कैलाश पटेल, जो अपने खेत में खड़ी मक्का की फसल की रखवाली कर रहे हैं, ने बताया कि बीते कई दिन से उनके खेत में लगातार किसी जंगली जानवर के पगचिह्न दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि ये निशान तेंदुए के ही हैं, क्योंकि आकार और बनावट उसी से मेल खाते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार करीब पांच दिन पहले इसी तेंदुए ने दहेमी-मौजमपुर के जंगल में एक निराश्रित गोवंश को अपना शिकार बनाया था। घटना की सूचना ग्रामीणों ने शहीद भगत सिंह पुलिस चौकी, खेड़ा नवादा को दी थी। मौके पर पहुंची पुलिस को खेत में खून के निशान मिले थे, जिससे हमले की पुष्टि हुई।
इसके अलावा तेंदुए ने दहेमी स्थित एक पेट्रोल पंप के पास एक पालतू कुत्ते पर भी हमला किया, जो किसी तरह बच निकला। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोग खेतों में जाने से डर रहे हैं, जिससे गेहूं की तैयार फसल की कटाई प्रभावित हो रही है और किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब तीन माह पहले सिलहरी और गुरुपुरी क्षेत्र में भी लोगों ने तेंदुए को देखने का दावा किया था, बावजूद इसके वन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब ताजा घटनाओं के बाद भी विभाग की निष्क्रियता से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि वन विभाग किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है।
चौकी इंचार्ज योगराज सिंह ने बताया कि संबंधित जंगल क्षेत्र में एक मवेशी का खून जमीन पर पड़ा मिला था, जिससे किसी जंगली जानवर के हमले की आशंका है। फिलहाल ग्रामीणों की सूचना के आधार पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वहीं वन विभाग के एसडीओ जगन्नाथ प्रसाद ने बताया कि उनको ऐसे किसी मामले की सूचना नहीं मिली है। इस बारे में पता कर टीम लगाई जाएगी।