बदायूं। सीजेएम कोर्ट के आदेश पर शाह विलायत एजुकेशनल ट्रस्ट की जमीन हड़पने के मामले में सदर कोतवाली में लेखपाल हरीश वर्मा समेत 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोप है कि लेखपाल ने 10 अन्य लोगों- अशर्फीलाल, सुरेश आदि के साथ मिलकर मिलीभगत की और गलत तरीके से ट्रस्ट की जमीन पर कब्जा करा दिया। ट्रस्ट की जमीन का रकबा कम होने के बावजूद लेखपाल की मिलीभगत से अवैध कब्जा और बैनामा कराने का आरोप लगाया गया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला फरशोरी टोला निवासी मोहम्मद अजहर अहमद ने सीजेएम कोर्ट में वाद दायर करते हुए कहा है कि वह शाह विलायत एजुकेशनल चेरिटेबल ट्रस्ट के प्रतिनिधि हैं। ट्रस्ट के खसरा नंबर 1086 रकबा 1050 हेक्टेयर का इकरारनामा 17 अगस्त 2017 को अशर्फीलाल, सुरेश, महेश सागर, बंटू सागर, रामधारा, पूरनलाल, अर्जुन लाल, राजपाल, रवि, प्रेमवती निवासीगण मोहल्ला कबूलपुरा थाना कोतवाली से उनकी जमीन का कराया था। जब ट्रस्ट ने जमीन की नपत कराई तो रकबा कम निकला। उसने रकबा कम होने की जानकारी विक्रेताओं को दी।
मोहम्मद अजहर ने बताया कि जमीन का रकबा कम होते हुए भी विक्रेता जमीन का बैनामा करने को तैयार थे। इकरारनामा की धनराशि विक्रेता आपस में बांट चुके थे। मौके पर 0.759 हेक्टेअर जमीन उपलब्ध होने के कारण बैनामा करा लिया गया। लेखपाल ने विक्रय संपत्ति पर ट्रस्ट का कब्जा करा दिया।
जिसकी रिपोर्ट लेखपाल ने दाखिल-खारिज के लिए तहसीलदार को दे दी थी। तबसे ट्रस्ट जमीन पर काबिज रहा। इसके बाद क्षेत्रीय लेखपाल हरीश वर्मा ने सूचना दिए बिना ही जमीन की नाप शुरू करा दी। जब उसे नाप की जानकारी हुई तो वह अपने साथ सरताज अहमद व परवेज को लेकर मौके पर पहुंचा और लेखपाल को अपने सीमेंटेड पिलर दिखाए। बावजूद इसके लेखपाल ने तथ्यों को नहीं माना।
आरोप है कि लेखपाल ने अपने पद का दुरुपयोग कर विक्रेताओं से लाभ लेकर ट्रस्ट की जमीन पर कब्जा करा दिया। विरोध करने पर उसे धमकी दी गई। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लेखपाल समेत 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है।
कोर्ट के आदेश पर लेखपाल पर रिपोर्ट दर्ज हुई है। इस मामले में पुलिस विवेचना करेगी। जो सही होगा उसके आधार पर आगे की प्रक्रिया अमल में लगाई जाएगी। -मोहित कुमार, एसडीएम सदर