बदायूं। ग्राम पंचायतों पर बने पंचायत घरों में लोगों की समस्या के निस्तारण के लिए ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी (सचिव), लेखपाल, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहेंगी। इससे लोगों को इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। यह पहल पंचायत भवन को मिनी सचिवालय के रूप में स्थापित करने के लिए शुरू की गई है। जिससे ग्रामीणों को आय, जाति, निवास, प्रमाणपत्र, भूमि रिकार्ड आदि की सुविधा गांव में ही मिल सके।
गांव के लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के लिए चक्कर काटने पड़ते थे। वह जमीन से जुड़ी समस्या, आय, जाति के प्रमाणपत्र के लिए तहसील के चक्कर लगाते थे। वहीं जन्म प्रमाण पत्र या गांव के कार्य के लिए सचिवों का कई दिन इंतजार करते थे या उनके घरों पर जाकर अपना कार्य करवाते थे।
इसके लिए सरकार की ओर से प्रत्येक पंचायत भवन में पंचायत सचिव, लेखपाल, ग्राम प्रधान, आगंनबाड़ी पंचायत घरों में बैठेंगी। जिससे लोगों की समस्या का गांव में निपटारा हो सकेगा। इसके लिए जिला पंचायती राज कार्यालय में रोस्टर तैयार किया जा रहा है। रोस्टर के हिसाब से जिन लेखपाल, और सचिव पर अधिक गांव हैं, उसको ध्यान में रखकर सारणी तैयार की जा रही है। रोस्टर के हिसाब से पंचायत भवनों में लेखपाल, ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी (सचिव) निश्चित दिनों में पंचायत भवनों में बैठेंगे।
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पंचायत भवनों में लेखपाल, सचिव, ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी के बैठने का रोस्टर तैयार किया जा रहा है। इसके आधार पर तय किए दिन पर पंचायत भवनों में उपस्थित रहना होगा, इसके संबंध में जल्द ही आदेश जारी कर दिए जाएंगे।
यावर अब्बास, डीपीआरओ