बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर पांच सूत्रीय मांगों के समर्थन को लेकर जिला बार एसोसिएशन सहित जिले की तमाम बार संगठन शुक्रवार को न्यायिक कार्यों से विरत रहे तथा जाम लगाकर ज्ञापन सौंपकर विरोध प्रकट किया।
कलक्ट्रेट स्थित मथुरा प्रसाद मेमोरियल हॉल के सभागार में अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन रामपाल शाक्य की अध्यक्षता में आयोजित पूर्व घोषित बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का संचालन कर रहे महासचिव पवन गुप्ता ने कहा कि कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से समाज में आक्रोश व्याप्त है। इस बीच अध्यक्ष शाक्य ने कहा सपा शासन ने अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए बजट में 40 करोड़ रुपये सालाना देने की घोषणा की लेकिन इस रकम को मुक्त नहीं किया गया। इसके चलते अधिवक्ता लाभ से वंचित रहा उन्होंने शासन पर अधिवक्ताओं के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। कहा, बीते वर्ष प्रदेश में लगभग 500 अधिवक्ताओं की मृत्यु हुई परंतु मृतकाश्रितों को कोरे आश्वासन दिए गए। शुक्रवार को जिला बार के अध्यक्ष व सचिव के संयुक्त नेतृत्व में अधिवक्तागण ने कलक्ट्रेट तिराहे पर जाम लगाया। तदोपरांत पांच सूत्रीय मांगों के संबंध में ज्ञापन डीआरओ दिनेश पाल सिंह को दिया गया। ज्ञापन में अधिवक्ता अधिनियम की धारा चार(बी) में संशोधन 40 करोड़ का अनुदान न्यासी समिति को सौंपे जाने, बार कौंसिल के अध्यक्ष को सह अध्यक्ष न्यासी समिति बनाने सहित मृतक योजना के तहत पांच लाख के आदेश को अबिलंब लागू करने की मांग प्रमुख रुप से उठाई गई। बता दें 31 जनवरी 2015 को गांधी भवन लखनऊ में बार कौंसिल सहित प्रदेश के तमाम बार संगठनों के प्रमुखों के मध्य हुई गोष्ठी में तीन चरण में आंदोलन की रणनीति बनाई गई। इसके चलते बीती 20 फरवरी को विरोध, 27 फरवरी को ज्ञापन सहित तीन मार्च को प्रत्येक जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने का प्रदेश बार कौंसिल अध्यक्ष अब्दुल रज्जाक ने दिशा निर्देश दिए हैं।