जिला महिला अस्पताल एक बार फिर अखाड़ा बन गया। यहां तैनात लेडी और पुरुष डॉक्टर में हाथापाई हो गई। इसके बाद दोनों डॉक्टर अस्पताल को लावारिस छोड़कर चले गए। डॉक्टरों के बीच हाथापाई का मामला डीएम शंभूनाथ तक पहुंचा तो उन्होंने मौके पर एसडीएम सदर प्रदीप यादव, तहसीलदार राजमणि मिश्रा और नायब तहसीलदार विमल शुक्ला को मौके पर भेजा। इस दौरान करीब दो घंटे तक अस्पताल में चिकित्सा सेवाएं ठप रहीं। मरीज बेहाल रहे।
शुक्रवार को जिला महिला अस्पताल में डॉ. हाकिम सिंह की इमरजेंसी ड्यूटी थी। शाम करीब चार बजे डॉ. ओमवती अस्पताल पहुंचीं। डॉ. हाकिम सिंह इमरजेंसी में एक गर्भवती का चेकअप कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यहां डॉ. ओमवती पहुंचीं और पुरुष डॉक्टर से महिलाओं के चेकअप की बात कहते हुए तीमारदारों को बरगलाने लगीं। डॉ. हाकिम सिंह ने इसका विरोध किया, तो दोनों में कहासुनी और हाथापाई हो गई। डॉक्टर्स के बीच हाथापाई होने पर मरीज और तीमारदार अचरज में पड़ गए। इसके बाद दोनों डॉक्टर यहां से चले गए।
डॉक्टर्स में झगड़े की सूचना डीएम तक पहुंची। उन्होंने एसडीएम सदर प्रदीप यादव, तहसीलदार राजमणि मिश्रा और नायब तहसीलदार विमल शुक्ला को मौके पर जांच के लिए भेजा। इस दौरान करीब दो घंटे तक चिकित्सा सेवाएं ठप रहीं। बाद में अधिकारियों ने डॉ. हाकिम सिंह को फोन करके बुलाया। इसके बाद यहां चिकित्सा सेवाएं सुचारू हुईं।
डॉक्टरों के झगड़े में मरीज हलकान
बदायूं। डॉक्टर्स के झगड़े से मरीज और तीमारदार करीब दो घंटे तक हलकान रहे। कुंवरगांव के रिंकू अपनी पत्नी शीतल को प्रसव के लिए महिला अस्पताल लाए थे। चिकित्सा सेवाएं ठप होने से शीतल को इलाज नहीं मिला। दुगरैया निवासी शेर खां की पत्नी रूबी भी दो घंटे जिला महिला अस्पताल में तड़पती रहीं। मौसमपुर के महेश इलाज न होने पर अपनी पत्नी शीला को यहां से निजी डॉक्टर के यहां ले गए।
जेल भी जा चुकी हैं डॉ. ओमवती
बदायूं। जिला महिला अस्पताल में तैनात डॉ. ओमवती का विवादों से पुराना नाता है। इनके खिलाफ कई मामलों में जांच चल रही है। पीलीभीत में तैनाती के दौरान एक मामले में डॉ. ओमवती को जेल भी जाना पड़ा था। यह लंबे समय तक नौकरी से सस्पेंड भी रहीं।
डॉक्टर्स के विवाद में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। यह गंभीर बात है। पूरे प्रकरण की जांच करके इसके लिए जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-प्रदीप यादव, एसडीएम सदर
प्रकरण उच्च अधिकारियों के संज्ञान में है। डॉ. ओमवती की काफी शिकायतें हैं। कुछ मामलों में जांच चल रही है। स्वास्थ्य सेवाएं बाधित करने के लिए जिम्मेदार जो भी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई कराई जाएगी। -डॉ. दीपक सक्सेना, सीएमओ
मैं प्रसव को आई महिलाओं का चेकअप कर रहा था। तभी डॉ. ओमवती पहुंचीं। वह तीमारदारों को बरगलाने लगीं। मैनें विरोध किया तो डॉ. ओमवती ने मेरे साथ अभद्रता और हाथापाई की।-डॉ. हाकिम सिंह
अभद्रता और हाथापाई की बात गलत है। कुछ तीमारदार अपने मरीजों का चेकअप पुरुष डॉक्टर से कराने से कतरा रहे थे। मैं उस समय अस्पताल में थी तो वह मेरे पास आ गए। इस पर डॉ. हाकिम सिंह ने हंगामा खड़ा कर दिया।-डॉ. ओमवती