उझानी। चिटफंड कंपनी आईसीएल ने जिन लोगों के करोड़ों रुपये हड़प लिए, उनमें उझानी के भी कई लोग शामिल हैं। किसी की एफडी पूरी होने पर फिर से रिन्यू कर दी गई तो कोई अपनी रकम के लिए बदायूं और बरेली के चक्कर काटता रहा। इसके बाद भी किसी के रुपये वापस नहीं हो पाए।
मास्टरमाइंड आरके गोला और उसकी कंपनी के शिकार बने ऐसे ही लोगों में श्रीनारायणगंज मोहल्ला निवासी पूर्व स्वास्थ्य कर्मी हरवंश पाल भी शामिल हैं। बकौल हरवंश- वह वर्ष- 2014 में कंपनी के संपर्क में आए थे। धीरे-धीरे उन्होंने पत्नी समेत अपने बेटे और बेटी की भी एफडी बनवाई थीं। उनकी सभी एफडी कोरोना काल से पहले पूरी हो गईं थीं। बावजूद इसके उन्हें रकम वापस नहीं मिली। धोखाधड़ी से एफडी फिर से रिन्यू कर दी गईं। करीब 30 लाख रुपये का हरवंश और उनके परिजनों को चूना लगा दिया गया।
पूर्व स्वास्थ्य कर्मी हरवंश ही नहीं, इलाके के प्रेमशंकर गुप्ता, संतोष सक्सेना, ब्रजेंद्र पाल, शाहन खान और संकेत पाल भी चिटफंड कंपनी के शिकार बने लोगों की फेहरिस्त में शामिल हैं। पिछले साल मई में कई लोगों ने तत्कालीन एसएसपी से शिकायत की तो सिविल लाइंस थाने में गोला समेत तीन- चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी में नामजद रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी।
कंपनी का सीएमडी कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव रमजानुपर का मूल निवासी था, इसी कारण जिले के लोगों को उसने आसानी से शिकार बना लिया। गोला और उसकी कंपनी से जुड़े लोगों के खिलाफ बदायूं समेत आसपास जिलों के थानों में कई मामले दर्ज हैं। बरेली के प्रेमनगर थाने में तो एक दिन पहले ही गोला, उसकी कंपनी के जीएम जितेंद्र गुप्ता और निदेशक दिनेश कुमार पर गैगस्टर में रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है।
राजनेताओं का बगलगीर होने का गोला को मिला था फायदा
आईसीएल के सीएमडी आरके गोला के बारे में जानकार बताते हैं कि वह राजनेताओं का बगलगीर बनकर अपने धंधे को आगे बढ़ाता रहा। सत्ता चाहे जिस दल की रही हो, वह उसी दल के नेताओं में अपनी पैठ बनाने में सफल हो जाता था। इसके पीछे की असल वजह से भी ठगी के शिकार लोग वाकिफ हैं। कहा तो यहां तक जाता है कि गोला ने अपने राजनीतिक आकाओं को भी सुविधाएं मुहैया कराई हैं। इसी वजह से वह कई साल तक बचता रहा था।
हरवंश बोले- न्याय होगा, जरूर मिलेगी रकम
चिटफंड कंपनी के सीएमडी समेत तीन आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद पूर्व स्वास्थ्य कर्मी हरवंश पाल कहते हैं कि उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है। गोला ने जिस तरह से लोगों को शिकार बनाया है, कानून उसे छोड़ेगा नहीं। खाताधारकों की रकम भी वापस मिलेगी। बोले- कुछेक लोगों और कर्मचारियों ने तो बेटी की शादी और अपने मकान बनवाने के लिए आईसीएल में एफडी कराई थी, लेकिन खाताधारकों के अरमान पूरे नहीं होने दिए गए।