बदायूं। नौ अक्तूबर की रात को एक युवक को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। बाद में उसके पास चाकू बरामद दिखाकर जेल भेज दिया। बृहस्पतिवार को विवेचक रिमांड लेने न्यायालय पहुंचे। अदालत में आरोपी युवक ने कहा कि उससे चाकू बरामद ही नहीं हुआ। गिरफ्तारी का समय भी गलत दिखाया गया है। इस पर न्यायाधीश ने नौ अक्तूबर रात दस बजे से 10 अक्तूबर सुबह दस बजे तक की सीसीटीवी फुटेज 14 अक्तूबर को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। फुटेज न पेश करने पर पुलिस पर विधिक कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।
सदर कोतवाली पुलिस ने कुरऊ निवासी सुमित राठौर को नौ अक्तूबर की रात 12 बजे के करीब गिरफ्तार कर लिया। उसे आयुध अधिनियम की धारा में जेल भेजा गया था। मामले की विवेचना एसआई सोमवीर सिंह को दी गई। बृहस्पतिवार को विवेचक कोर्ट से रिमांड लेने पहुंचे तो न्यायाधीश ने अभियुक्त से पूछा कि चाकू कहां से लिया था।
इस पर अभियुक्त ने साफ कहा कि उसके पास चाकू नहीं था। पुलिस ने खुद ही लगाया है। इस पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लीलु चौधरी ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली को आदेश दिया है कि वह नौ अक्तूबर की रात 10 बजे से अगले दिन की सुबह पांच बजे तक थाने के सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग न्यायालय में पेश करें।
विवेचक सोमवीर सिंह ने न्यायालय में जो रिमांड दाखिल की उसमें गिरफ्तारी का समय 3:46 बजे अंकित किया हुआ था। जब न्यायालय ने अभियुक्त से पूछा तो उसने बताया कि उसको रात करीब 12 बजे गिरफ्तार किया गया था। न्यायालय ने देखा कि विवेचक ने कोई चेक लिस्ट भी संलग्न नहीं की है, जो उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है।
विवेचक ने उच्चतम न्यायालय के दिए निर्देश का पालन नहीं किया। न्यायालय ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली को 14 अक्तूबर को सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के साथ पेश होने का आदेश दिया है।