उझानी। कुआडांडा के कोटेदार ने राशन का करीब 95 क्विंटल गेहूं और चावल बाजार में बेच डाला। चेकिंग के दौरान पूर्ति निरीक्षक को अभिलेखों के अनुरूप दर्ज गेहूं और चावल कोटेदार के गोदाम और दुकान में नहीं मिला तो उन्होंने ई-पॉश मशीन, इलेक्ट्रॉनिक कांटा समेत अन्य उपकरण जब्त कर लिए। कोटेदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
ब्लॉक क्षेत्र के गांव कुआडांडा स्थित राशन की दुकान चेक करने के लिए पूर्ति निरीक्षक योगेंद्र पाल एक नवंबर को पहुंचे। रिपोर्ट के मुताबिक- कोटेदार अरविंद कुमार पुत्र हरपाल की राशन की दुकान पर चेकिंग के दौरान पूर्ति निरीक्षक के सामने रजिस्टर प्रस्तुत नहीं किया गया।
इसके बाद ई-पॉश मशीन और विभागीय पोर्टल के मिलान के दौरान वितरण के बाद दुकान में 52.87 क्विंटल चावल और 42.46 क्विंटल गेहूं मौजूद होना चाहिए था, जो मौके पर नहीं मिला। आरोप है कि कोटेदार ने उसे राशन उपभोक्ताओं में वितरित किए जाने के बजाय मुनाफाखोरी के उद्देश्य से बाजार में बेच दिया है।
मुनाफाखोरी और कालाबाजारी की पोल खोले जाने के पूर्ति निरीक्षक ने ई- पॉश मशीन, आइरिस स्कैनर, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और चार्जर जब्त कर लिया। ई-पॉश मशीन समेत सभी उपकरण पड़ोसी गांव ललुइया नगला के कोटेदार ओमबाबू के हवाले कर दिए गए हैं। पूर्ति निरीक्षक ने विभागीय अफसरों समेत डीएम और एसडीएम सदर को भी मामले से अवगत करा दिया है।
बता दें कि कुआडांडा के कोटेदार समेत कुछेक अन्य गांवों में राशन वितरण में खामियों की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं। कार्डधारकों को यूनिट के हिसाब से गेहूं और चावल भी उपलब्ध नहीं कराया जाता। कोटेदार के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट की जांच इंसपेक्टर (क्राइम) गुड्डू सिंह को सौंपी गई है।
पूर्ति निरीक्षक की रिपोर्ट पर डीएम ने दुकान की निलंबित
कुआडांडा के कोटेदार अरविंद कुमार पर आवश्यक वस्तु अधिनियम में कार्रवाई होने के बाद पूर्ति निरीक्षक योगेंद्र पाल ने विभागीय अफसरों और डीएम को रिपोर्ट सौंप दी। डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी की संस्तुति पर कुआडांडा की राशन की दुकान को निलंबित कर दिया है। पूर्ति विभाग की इस कार्रवाई गड़बड़ी करने वाले कोटेदारों में अफरातफरी है।