जिले के पांच केंद्रों पर रविवार को हुई विद्या ज्ञान परीक्षा पूरी तरह से मजाक बनकर रह गई। परीक्षा में शामिल हुए बच्चों ने कक्ष निरीक्षकों के सामने ही नकल ली। इन केंद्रों पर करीब आधे बच्चे गैरहाजिर रहे। अधिकारी केंद्रों पर तो पहुंचे, लेकिन उन्होंने इस परीक्षा को गंभीरता से नहीं लिया, जैसा परीक्षाओं को लिया जाता है।
बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे विद्या ज्ञान परीक्षा में प्रतिभाग करते हैं। इस बार जिले में शहर के राजकीय इंटर कॉलेज, इस्लामियां इंटर कॉलेज, श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज, राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, सहसवान स्थित प्रमोद इंटर कॉलेज को केंद्र बनाया गया था। इन केंद्रों पर 6535 बालक-बालिकाओं को प्रतिभाग करना था। प्रथम पाली में बालिकाओं की परीक्षा थी। इसमें इन केंद्रों पर पंजीकृत 3352 में 1816 ने प्रतिभाग किया। इसके अलावा दूसरी पाली में 3183 बालकों में 1387 ने प्रतिभाग किया। कुल 3203 बालक-बालिकाएं अनुस्थित रहे। देखा गया कि कक्ष निरीक्षकों के सामने ही प्रतिभागी बच्चे नकल रह रहे थे। हालांकि अधिकारियों ने केंद्रों का जायजा लिया किंतु उन्होंने परीक्षा में किसी तरह की गंभीरता नहीं दिखाई। सो वह केंद्रों पर बैठकर चले गए। बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने शहर के तीनों केंद्रों का जायजा लिया। उन्होंने कक्ष निरीक्षकों को जरूरी निर्देश भी दिए। बीएसए के निर्देशानुसार जीजीआईसी पर ब्लाक जगत के वरिष्ठ एबीआरसी राधेलाल, डॉ.पंकज शर्मा आदि भी ड्यूटी पर रहे।
ओएमआर सीट को देख चकराए बच्चे
बदायूं। विद्या ज्ञान परीक्षा में बच्चों को ओएमआर (आंसर सीट) भरने को दी गई थी। तमाम बच्चे उसे देख इधर-उधर झांक रहे थे। कक्ष निरीक्षकों की मदद लेकर बच्चों ने ओएमआर सीट को भरा। अव्यवस्था का आलम ये था कि जमीन पर बैठकर बच्चों ने परीक्षा दी।