केंद्र सरकार की ओर से किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जाने को लेकर अभियान शुरू कर दिया गया है, साथ ही इस प्रक्रिया को भी पहले से सरल बनाया गया है। किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जाने के संबंध में सभी बैंकों के अधिकारियों के लिए निर्देेश दिए हैं। प्रत्येक किसान को केसीसी बैंक द्वारा दिया जाना है।
किसान केसीसी बनवाने के लिए बैंकों के चक्कर लगाते रहे हैं, लेकिन अधिकतर बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से किसानों को केसीसी कार्ड नहीं मुहैया नहीं हो पाते है। बैंकों में पहले से ही दलालों का दखल होता है। जब बैंक में लोगों की सुनी नहीं जाती है, तो मजबूूरन लोगों को दलाल से संपर्क करना पड़ता है। तब जाकर केसीसी बन पाता है। इसके लिए उन्हें अच्छी खासी रकम खर्च करनी पड़ती है, लेकिन अब सरकार ने इसमें बदलाव कर दिया है। उन्होंने सभी जिलाधिकारी को निर्देशित किया है वह अपने जिले में सभी किसानों की केसीसी बनवाए। इसके लिए दो दिन तय किए गए हैं। पूर्व में केसीसी बनाने के लिए जो पैसे किसान को बैंक की फीस के नाम पर जमा करने पड़ते थे, अब उस पैसों को समाप्त कर दिया गया है। बैंकों द्वारा प्रत्येक मंगलवार और बृहस्पतिवार को अपनी बैंक शाखा पर किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए कैंप का आयोजन पूरे माह जुलाई में किया जाएगा ।
केसीसी बनाने के लिए नोडल अधिकारी बतौर लीड बैंक मैनेजर और सह नोडल अधिकारी जिला कृषि अधिकारी होंगे। केसीसी बनाए जाने के अभियान की समीक्षा प्रत्येक सोमवार होगी। सभी किसानों का केसीसी बनाना है।
-दिनेश कुमार सिंह, डीएम