इससे पहले रविवार रात से ही जल भर कर शिवालय पहुंचने वाले कांवड़ियों से पूरा इलाका शिवमय हो गया। पूरी रात पैदल कांवड़ लेकर अपने-अपने आराध्य मंदिरों में सोमवार सुबह कांवडिय़ों ने जलाभिषेक किया। इसके अलावा जो कांवड़ नहीं लाए ऐसे भक्त दूध, पंचामृत और जल से भगवान शिव का जलाभिषेक करते देखे गए।
मंदिर के बाहर बिके फूल और बेल पाती
शहर में शिवालयों के बाहर बेलपाती, फूल, धतूरा के फल आदि की दुकानें लग गईं थीं। भक्तों को यहां आसानी से पूजा सामग्री मिलती रही। वहीं धूपबत्ती और चंदन आदि भी मिला। भगवान भोले का जलाभिषेक कर भक्तों ने भगवान को त्रिपुंड लगाया और धूप-दीप नैवेद्य से पूजा अर्चना की।
पीडब्यूडी विभाग ने किया सत्कार
सोमवार को शिवालयों में जलाभिषेक के लिए गंगा से जल लाने वाले कांवड़िए रविवार की पूरी रात चलते रहे। इस दौरान पीडब्ल्यूडी की ओर से कछला में इन कांवड़ियों को प्रसाद की व्यवस्था की गई। लोनिवि की सामाजिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक समिति की ओर से विशाल कांवर यात्रा के स्वागत और सत्कार का कार्यक्रम रखा गया। इसमें प्रांतीय खंड के एक्सईएन अनिल मिश्रा और निर्माण खंड के एक्सईएन एमसी शर्मा का विशेष योगदान रहा। इस मौके पर डीएस कौशल, संजीव उपाध्याय आदि पीडब्ल्यूडी के अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदारों ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया।
नूरपुर मंदिर में जलाभिषेक को लगी भीड़
नूरपुर पिनौली। यहां प्राचीन शिव मंदिर में कांवड़ियों समेत शिव भक्तों ने जलाभिषेक किया और बेलपाती आदि से पूजा अर्चना की। यहां बता दें कि शिवालय काफी प्राचीन है और क्षेत्र और सुदूर क्षेत्रों में इसकी काफी मान्यता है।
रमजानपुर शिव मंदिर पर भी हुआ जलाभिषेक
कादरचौक क्षेत्र के रमजानपुर गांव में स्थित शिवालय में भी भक्तों ने जलाभिषेक किया। भजन कार्यक्रम भी चलते रहे। इस अवसर पर विनोद कुमार शर्मा, ओमशंकर गोला, दिनेश राठौर, प्रेम सिंह आदि ने पूजा अर्चना में सहयोग प्रदान किया।
कांवड़ियों के लिए भंडारा किया
सिलहरी। छात्र नेता राहुल कुर्मी ने कांवड़ियों के लिए भंडारे का आयोजन किया। भंडारे में सांसद प्रतिनिधि अवधेश यादव, हिमांशु यादव, शशांक यादव, विजेंद्र सिंह, एनएल वर्मा, अंकित राठौर, राहुल पटेल आदि रहे।