चर्चित कटरा सआदतगंज कांड में अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी। मामले में सुनवाई कर रहे स्पेशल जज पाक्सो एक्ट की कोर्ट में सीबीआई को पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी पेश करनी होगी। सोमवार को कोर्ट में सीबीआई और वादी पक्ष के वकीलों के बीच क्लोजर रिपोर्ट पर बहस हुई। वादी पक्ष के वकील एचएस नकवी ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को आधारहीन बताया। वहीं सीबीआई के वकील कुमार रजत ने वादी पक्ष के प्रोटेस्ट पर सवाल उठाए।
कटरा सआदतगंज में 27/28 मई की रात चचेरी बहनों के शव पेड़ पर लटके मिले थे। परिवार वालों ने गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए दो सिपाहियों समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में जांच कर रही सीबीआई ने 11 दिसंबर को स्पेशल जज पाक्सो एक्ट की कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करके दावा किया कि लड़कियों ने खुदकुशी की थी। 19 फरवरी को वादी पक्ष ने क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ कोर्ट में प्रोटेस्ट दिया। वादी पक्ष ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट के नौ बिंदुओं पर सवाल उठाए। सोमवार को कोर्ट में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच क्लोजर रिपोर्ट और प्रोटेस्ट पर बहस हुई। वादी पक्ष ने सवाल उठाया कि बिना दोबारा पोस्टमार्टम के सीबीआई यह कैसे कह सकती है कि लड़कियों ने खुदकुशी की? दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने सीबीआई को लड़कियों के पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। मामले में अगली सुनवाई के लिए 10 अप्रैल तय की गई है।