स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट वीरेंद्र पांडेय ने कहा कि क्लोजर रिपोर्ट में पप्पू यादव को बड़ी लड़की के साथ आपत्तिजनक अवस्था में देखे जाने का जिक्र है। इसके बावजूद पप्पू यादव को आरोपी नहीं बनाया गया। सीबीआई क्लोजर रिपोर्ट के समर्थन में कई फॉरेंसिक साक्ष्य भी कोर्ट में दाखिल नहीं कर सकी।
कटरा सआदतगंज में 27/28 मई की रात चचेरी-तहेरी बहनों की लाशें आम के बाग में पेड़ पर लटकी मिली थीं। लड़कियों के परिवार वालों ने पप्पू यादव, अवधेश यादव, उर्वेश यादव (सगे भाई) और कटरा सआदतगंज पुलिस चौकी के सिपाही सर्वेश यादव और छत्रपाल गंगवार के खिलाफ गैंगरेप के बाद हत्या का मामला दर्ज कराया था। घटना की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई ने 11 दिसंबर 2014 को मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करते हुए दावा किया था कि लड़कियों ने खुदकुशी की। उनके साथ गैंगरेप भी नहीं हुआ था।
विवादों में रही पोस्टमार्टम रिपोर्ट
इस मामले में मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट लगातार विवादों में रही। सीबीआई ने दोबारा शव निकाल कर जांच करने की बात की थी लेकिन इस प्रक्रिया में इतना विलंब कर दिया गया कि जब जांच टीम पहुंची तो बाढ़ आने से नदी के किनारे दफन किए गए शव बह चुके थे। क्लोजर रिपोर्ट के आधार पर स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट ने वादी पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। वादी पक्ष ने 19 फरवरी 2015 को प्रोटेस्ट दाखिल किया। लंबी सुनवाई के बाद स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट ने सीबीआई और आरोपियों को झटका देते हुए क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया है।
वादी पक्ष ने बताई न्याय की जीत
कोर्ट ने फिलहाल मामले में अगली सुनवाई के लिए कोई तारीख मुकर्रर नहीं की है। वादी पक्ष ने इसे न्याय की जीत बताया है वहीं आरोपी पक्ष के वकील जवाहर सिंह यादव ने कहा है कि वह न्यायिक लड़ाई लड़ते रहेंगे।
टाइमलाइन
2 जून, 2014 : पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों से सामूहिक बलात्कार करने की बात कही गई
13 जून, 2014 : मामले की जांच सीबीआई ने शुरू की
21 अगस्त, 2014 : सीबीआई ने कहा कि फॉरेंसिक जांच में बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई
4 सितंबर, 2014 : मामले में गिरफ्तार तीन युवकों को स्थानीय अदालत ने जमानत दे दी
27 नवंबर, 2014 : सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि दोनों की हत्या नहीं की गई, बल्कि उन्होंने खुदकुशी की थी
11 दिसंबर, 2014 : सीबीआई ने अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की
19 फरवरी, 2015 : परिजनों ने सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट को अदालत में चुनौती दी