बिजली विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते तहसील क्षेत्र के कई गांवों में जर्जर बिजली लाइन से हादसे के हालात बन रहे हैं। गौर करने वाली बात है कि अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी इन तारों को बदला नहीं जा रहा। खैरी और सुकटिया के किसानों ने डीएम को पत्र भेजकर समस्या का निदान कराने की मांग की है।
गांव खैरी में स्थित मदरसा के ऊपर गुजर रही बिजली लाइन काफी जर्जर स्थिति में पहुंच गई है। जिससे कभी भी यहां बड़ा हादसा हो सकता हैं। गांव के रईस अहमद, शकील अहमद, मोविल खां, मज्जू खां ने बताया है कि तार आए दिन हवा में झूलते रहते हैं, जो कभी भी टूट सकते है। इससे गांव में कभी भी हादसा हो सकता है।
इसी प्रकार गांव सुकटिया में जर्जर बिजली लाइनों को नहीं बदला जा रहा है। यहां आए दिन हाईटेंशन की लाइन सड़क पर टूटकर गिरती है। गांव के दिनेश शर्मा, पंकज शर्मा, नरेश पाल, तिलक सिंह ने बताया है कि गांव के आसपास 11 हजार वोल्टेज की लाइन के तार नीचे झूलते रहते हैं। उन्होंने डीएम से गांव की जर्जर लाइन शीघ्र बदलवाए जाने की मांग की है।
गर्मी बढ़ी तो गांवों में बिजली हुई गुल
बिसौली। गर्मी ने तेजी पकड़ी तो गांवों की बिजली गुल हो गई। नगर से सटे आधा दर्जन गांवों में हालात बदतर हैं। हाल ये है कि पिछले एक सप्ताह में बिजली बमुश्किल सात घंटे ही मिल पा रही है।
नगर के समीप के गांव अजनावर, भटपुरा, सर्वा, मौजमपुर, सैंडोली, नवादा आदि गांवों के हालात बदतर हैं। गांव के लोगों का कहना है कि दिन में बमुश्किल बिजली आती है। इसके बाद रात में दर्शन ही नहीं होते हैं। किसानों ने कहा कि एक ओर तो बारिश ने फसल उजाड़ दी, दूसरी ओर बिजली न मिलने से मैंथा की फसल सूख रही है। उन्होंने देहात में बिजली सप्लाई निर्धारित कराने की मांग की है।