कछला घाट से पटना देवकली को निकले शिवभक्त।संंवाद
- फोटो : अर्चना को नियुक्ति पत्र देतीं महिला पुलिस अधिकारी।
उझानी। शिवतेरस पर भी कांवड़िये जलाभिषेक करेंगे। बुधवार दोपहर दो बजे से मुहूर्त बृहस्पतिवार दोपहर तक रहेगा। जलाभिषेक करने के लिए कांवड़ियों की टोलियों के निकलने का सिलसिला मंगलवार दिन भर चला।
आचार्य प्रवीण ने बताया कि शुक्ल पक्ष की तेरस का लग्न बुधवार दोपहर दो बजे से अगले दिन दोपहर तक रहेगा। शुभ मुहूर्त में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने से कई गुना फल प्राप्त होता है। सावन महीने में पहली शिवतेरस कृष्ण पक्ष में थी। इस दिन व्रत रखकर जलाभिषेक करने का महत्व अधिक है। इसी के मद्देनजर मंगलवार सुबह से ही शिवभक्त कांवड़ियों के कछला घाट पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। गंगा स्नान के बाद उन्होंने कांवड़ पूजन किया, फिर शिव मंदिरों की ओर यात्रा शुरू कर दी। शाहजहांपुर जिले के पटना देवकली स्थित शिव मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए निकली टोली के कांवड़िया रजनीश ने बताया कि वह बुधवार दोपहर में जलाभिषेक क
पहले जैसी नहीं दिखी रौनक
सावन महीना के प्रत्येक सोमवार को जलाभिषेक से पहले तक कछला गंगाघाट हर दिन कांवड़ियों से गुलजार रहा। बदायूं, बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत, कासगंज, एटा और हाथरस के कांवड़ियों ने भी गंगाघाट से ही यात्रा शुरू की थी। शिवतेरस सावन के अंतिम सोमवार के तीसरे दिन है। इसलिए कांवड़ियों की संख्या भी काफी कम नजर आई। घाट समेत हाईवे पर पिछले दिनों के मुकाबले 20 फीसदी भी भीड़ नजर नहीं आई।