हाईवे हों या जिला मार्ग, पगडंडियां हों या गांव के रास्ते जो भी कछला या अन्य गंगा घाट को जाने वाले मार्ग थे। सभी पर कांवड़ियों को रेला था। शुक्रवार से रविवार की रात तक कांवड़ियों के गंगा तट तक जाना और जल लेकर आने का सिलसिला बना रहा। रास्तेभर डीजे गूंजते रहे और हर-हर, बम-बम होता रहा। पुलिस प्रशासन इस मौके पर बेहद चौकन्ना रहा। यह उसकी कठिन परीक्षा की घड़ी मानी गई।
ध्वस्त हो गया पुलिस का डीजे रोकने का आदेश
कांवड़ यात्रा में डीजे न ले जाए जाने के आदेश पालन का पुलिस प्रशासन इस बार जो सख्ती दिखाई वह शिव भक्तों के जोश के आगे ठंडी पड़ गई। छुटपुट घटनाओं को छोड़ कांवड़ यात्रा पूरी तरह शांत पूर्ण रही। इसमें प्रशासन की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रहीं। रास्ते के धार्मिक स्थलों पर आरपीएफ तक लगी रही।
घाट तक लगे भंडारे और स्वास्थ्य शिविर
राष्ट्रवादी उद्योग व्यापार संगठन के कार्यकर्ताओं ने कांवड़ियों को भंडारा कराया। भंडारे में जिलाध्यक्ष जितेंद्र महाजन व संगठन के पदाधिकारियों ने शिवभक्तों की बढ़ चढ़कर सेवा की। इस मौके पर केबी गुप्ता, दीपक सैनी, मनोज गुप्ता, हिमांशु, राहुल सपड़ा, अजय प्रकाश रस्तोगी आदि मौजूद रहे।
कांवड़ियों को सेवा के लिए मानो पूरा शहर ही उमड़ पड़ा था। गली, मोहल्ले और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा तो कांवड़ यात्रा मार्ग पर मेला जैसा माहौल रहा। वहीं लालपुल पर कई श्रद्धालुओं और संस्थाओं ने भंडारों के आयोजन किए। चलती-फिरती पानी की सेवा और नाश्ता आदि का भी जगह-जगह आयोजन हुआ। राष्ट्रीय जनाधिकारी संरक्षण संस्थान की ओर से बालाजी मंदिर पर सेवा शिविर लगाया गया। इसका नेतृत्व धर्मेंद्र सिंह ने किया। दिल्ली की संस्था आदर्श सेवा समिति ने नौशेरा पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया। गुरूद्वारा साहिब के ग्रंथी ने अरदास कर भक्तों को दवा दी।
मोहम्मदपुर के मुस्लिमों ने की सेवा
बिनावर। कस्बा में यूं तो कई जगह कांवड़ियों की सेवा को भंडारे चल रहे थे लेकिन डॉ. राम रतन पटेल द्वारा आयोजित भंडारे में मोहम्मदपुर के मुस्लिम विकारउद्दीन, असलम, बबलू आदि ने कारसेवकों की सेवा की। अशोक चौहान, सुरेश गुप्ता आदि की ओर से भी भंडारे आयोजित किए गए।
तिरंगे लेकर भी निकले कांवडिये
भगवा ध्वज के अलावा कांवड़िये अपने साथ राष्ट्रीय ध्वज भी लेकर निकले। ऐसे तमाम वाहन कांवड़ यात्रा में शामिल थे, जिनपर कांवड़िये के हाथों में तिरंगे झंडे थे और डीजेपर बम-बम भोले के गीतों के अलावा राष्ट्रीय गीत भी बज रहे थे।
रोता मिला कांवड़ यात्रा में भटका बालक कांवड़िया
कुंवरगांव। कांवड़ यात्रा में बरेली के आंवला थाना खेत्र के गांव वीरपुरा निवासी राजेंद्र का पुत्र 12 वर्षीय पुत्र गोलू अपनी टोली से बिछड़ गया। पुलिस को यह रास्ते में रोता मिला तो वह थाने ले आई। बाद में नाम पता पूछकर उसके घर सूचना दी गई। मां छोटी देवी सूचना पर थाने पहुंची और अपने बेटे को साथ ले गई।
छात्रों ने कराया शिवभक्तों को कराया भंडारा
बदायूं। श्रावण मास के अंतिम रविवार को कछला से कांवड़ लेकर आ रहे कांवड़ियों को कुछ छात्रों ने अपनी मासिक बचत से भंडारा कराया। कछला से बदायूं तक छात्रों ने कांवडिय़ों के लिए केले, पानी के पाउच, बिस्कुट और दवाइयां वितरित की। छात्रों ने पहले कछला गंगा घाट पर स्नान कर पूजन किया इसके बाद वह बदायूं के लिए निकले और पूरे रास्ते में कांवड़ियों को प्रसाद वितरित करते हुए आए। इस मौके पर शुभम शर्मा, संजय सिंह, प्रतीक अरोड़ा, विनीत, शालू, अंशू, गुलशन आदि मौजूद रहे।