कलश पूजन करके मंत्रोच्चार के साथ पीत वस्त्रधारी महिलाओं ने अपने सिर पर कलश धारण किए। महिलाओं ने भजन गाकर पूरे गांव में भ्रमण किया। कलश यात्रा होली चौक, दुर्गा देवी मंदिर, वामनपुरी, कायस्थान मोहल्ला होती हुई यज्ञशाला में पहुंची, जहां कलश यात्रा का समापन हुआ। इसके बाद विद्वानों ने मंत्रोच्चार करते हुए यज्ञशाला में अग्नि प्रज्ज्वलित की। इस दौरान तमाम भक्तों ने यज्ञशाला की परिक्रमा करके पुण्य कमाया।
इसके बाद हुई श्रीमद्भागवत कथा में विदुषी अनीता रानी ने कथा में बताया कि भक्त के आगे भगवान बेबस हैं। उन्होंने भक्त प्रह्लाद की कथा सुनाते हुए कहा कि एक बच्चे की पवित्र भक्ति के सामने भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लेकर उसके प्राणों की रक्षा की। इस दौरान तमाम श्रद्धालुओं ने कथा का रसास्वादन किया। इस दौरान पुष्पा देवी, मृदुला, रजनी, राजेश, मूर्ति देवी, मालती, रेखा, उमेश, सुरेंद्र, अखिलेश, अशोक, बुद्धि प्रधान आदि मौजूद रहे।