गंगा किनारे पूजा-पाठ करतीं जिला पंचायत अध्यक्ष, अफसर व साधु-संत
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गंगा तट पर पूजन, मिष्ठान व दूध से की गई आरती
जिला पंचायत अध्यक्ष, डीएम और एसएसपी ने गंगा मां का पूजन करते हुए फल, मिष्ठान और दूध अर्पित किया। वर्षा यादव ने कहा कि यह मेला श्रद्धा, विश्वास और एकता का प्रतीक है। प्रशासन ने मेले को भव्य और दिव्य स्वरूप देने की तैयारी की है। उन्होंने कहा कि मेले में सीसीटीवी कैमरे, वॉच टावर, स्नान घाटों पर सुरक्षा प्रबंध, पार्किंग और साफ-सफाई की व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।
4 से 6 नवंबर तक होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
हर वर्ष की तरह इस बार भी मेला में जिला पंचायत द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। 4 से 6 नवंबर तक कठपुतली नृत्य, जादू के खेल, रासलीला और अन्य पारंपरिक प्रस्तुतियां श्रद्धालुओं का मनोरंजन करेंगी।
गंगा में मूर्ति विसर्जन पर रोक
जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव ने श्रद्धालुओं से गंगा को स्वच्छ और पॉलिथीन मुक्त बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि गंगा में मूर्तियां या पूजन सामग्री विसर्जित न करें। इसके लिए घाटों पर विशेष गड्ढे तैयार किए गए हैं जहां सामग्री का विसर्जन कराया जाएगा।
ककोड़ा मेला के शुभारंभ मौके पर गंगा किनारे बैठा साधु
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कंट्रोल रूम से होगी कड़ी निगरानी
मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बनाए गए कंट्रोल रूम का डीएम और एसएसपी ने निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से सतर्क निगरानी रखी जाए और ड्रोन कैमरों से भी लगातार सुरक्षा स्थिति पर नजर रखी जाए। अधिकारियों ने कहा कि असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जाए और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या उपद्रव की स्थिति में तुरंत विधिक कार्रवाई की जाए।
घाटों और यातायात व्यवस्था की समीक्षा
गंगा नदी के विभिन्न घाटों का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को स्नान में किसी प्रकार की असुविधा न हो। गहरे पानी वाले स्थलों पर बैरिकेडिंग की जाए ताकि कोई दुर्घटना न हो। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए यातायात, पार्किंग और डायवर्जन व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि भीड़भाड़ वाले मार्गों को स्पष्ट रूप से चिह्नित किया जाए और कहीं भी अवरोध उत्पन्न न हो।
मेला छह जोन और 14 सेक्टरों में विभाजित
इस वर्ष ककोड़ा मेला क्षेत्र को 6 जोन और 14 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी प्रभारी निरीक्षक या निरीक्षक को सौंपी गई है। प्रत्येक सेक्टर में एक उपनिरीक्षक हमराह पुलिस बल के साथ तैनात रहेगा। पूरे मेला क्षेत्र में 1 अस्थायी कोतवाली और 14 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। 1 फायर स्टेशन और 7 दमकल गाड़ियां भी चौबीसों घंटे तैयार रहेंगी। भीड़ नियंत्रण और निगरानी के लिए 15 वॉच टावर स्थापित किए गए हैं।