मेले में पहुंचते हैं लाखों श्रद्वालु
ककोड़ा मेला क्षेत्र में प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस दौरान निजी वाहनों के कारण यातायात दबाव और जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। रोडवेज की ओर से लगाई जा रही अतिरिक्त बसें इस दबाव को काफी हद तक कम करेंगी और लोगों को आसानी से मेला स्थल तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
तीन से पांच नवंबर तक मेले में रहेगी काफी भीड़
चार नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा है। जिले से लेकर अन्य प्रदेशों तक के श्रद्धालु तीन नवंबर की शाम तक मेले में अवश्य पहुंच जाएंगे, जो सुबह में गंगा स्नान करेंगे। इस रात मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। इन दिनों परिवहन निगम की विशेष व्यवस्था रहेगी। इस पर विचार विमर्श किया जा रहा है।
निजी वाहनों की रहेगी भीड़
रोडवेज बस के साथ ही लोग निजी वाहनों से भी मेले में पहुंचेगे। वाहनों को मेले से एक किलोमीटर दूर ही छोड़ना पड़ सकता है। क्योंकि मेले तक पहुंचने में लोगाें को चार से पांच घंटे जाम से जूझना पड़ सकता है। जाम की स्थिति ठीक रह इसके लिए जगह जगह पुलिस व यातायात कर्मियों को भी तैनात किया गया
एआरएम राजेश पाठक ने बताया कि मेले में आने-जाने वालों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। रोडवेज की 106 बसें मेले का एक चक्कर लगाकर ही अपने रूट पर भेजी जाएंगी। किराया जल्द ही सार्वजनिक कर दिया जाएगा। दस बसें नियमित संचालित होती रहेंगी। दो दिन ही भीड़ अधिक रहती है। फिर भी दस नवंबर तक यात्रियों के हिसाब से बसों का संचालन होता रहेगा।