बदायूं। शासन की अमृत सरोवर योजना को अधिकारियों ने मजाक बनाकर रख दिया। अगर इसकी निष्पक्ष तरीके से जांच करा ली जाए तो बड़ा घोटाला सामने आ जाएगा। हाल यह है कि कई जगह जहां अमृत सरोवर बनाए गए हैं, वहां पानी ही नहीं है।
पड़ताल में सामने आया है कि बच्चे वहां क्रिकेट खेलते हैं। कहीं उपले थोपे जा रहे हैं तो कहीं बेंच टूटी पड़ी हैं, पेड़-पौधेे उखड़ चुके हैं। यहां लगे पत्थरों से अमृत सरोवर के नाम पर खर्च धनराशि को मिटा दिया गया है ताकि योजना का सच न पता चल सके।
करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी ये अमृत सरोवर अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर सके। जिले में 222 अमृत सरोवर बनाए गए हैं, इनमें कुछ का हाल आपके सामने है।