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Budaun News: जयंती के शिकायती पत्र बयां कर रहे भू-माफिया की दबंगई और पुलिस प्रशासन की कारगुजारी

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दिसंबर माह में मृतक जंयती द्वारा अभियुक्तों के खिलाफ डीएम को दिया गया आदेश लिखित शिकायती पत्र: 
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बदायूं। दातागंज पुलिस ने दोहरे हत्याकांड का खुलासा भले ही विपिन और उसके दो भाइयों को गिरफ्तार कर कर दिया हो, लेकिन इस नृशंस हत्याकांड की नींव दो करोड़ की संपत्ति को हथियाने की ओर ही इशारा कर रही है।
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हत्याकांड से पहले जयंती ने थाने से लेकर कोर्ट तक गुहार लगाई थी। जब पुलिस प्रशासन ने नहीं सुनी तो मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन एक जनप्रतिनिधि के चहेते भू-माफिया के आगे पुलिस और प्रशासनिक अमला जयंती को चाहकर भी न्याय नहीं दे सका। अंत में जयंती को अपनी मां के साथ जान गंवानी पड़ गई। अब पुलिस अधिकारी दोहरे हत्याकांड में नामजद अभियुक्तों की संलिप्ता पर जांच के महज दावे ही कर रहे हैं।
जयंती ने पुलिस की शिथिल कार्रवाई के परेशान होकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि उनके पति की मौत के बाद विरासत की जमीन का चौथाई हिस्सा 24 अक्तूबर 2023 को उनके नाम हो गया था, लेकिन पति की मौत होते ही उसके जेठ सुरेंद्र पाल, प्रदीप सिंह, प्रवेंद्र सिंह समेत ससुराल के लोग उसे खेत नहीं जोतने दे रहे थे। वह लोग अपने सहयोगी संजीव कुमार सिंह व भू-माफिया के जरिए जमीन पर अवैध कब्जा करना चाहते है।
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जब वह गांव जाती है तो अभियुक्त घर में घुसने पर जान से मारने की धमकी देते हैं। जयंती ने शिकायत में यह भी कहा था कि अभियुक्त दबंग व राजनीतिक संबंध रखते हैं। इस वजह से पुलिस व प्रशासन के अधिकारी उनकी समस्या का समाधान नहीं कर पा रहे हैं। उसे अपनी जान का खतरा है।
यह शिकायत जयंती ने 28 मार्च 2025 को की थी। बावजूद इसके पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया। अगर पुलिस अधिकारी जयंती की शिकायती पत्र को अब जांच में शामिल करें तो भू-माफिया समेत नामजद अभियुक्तों की हत्याकांड में संलिप्ता उजागर हो जाएगी।


एसडीएम ने दिए थे जांच के आदेश, दरोगा ने तहरीर फेंक दी थी गाली
जयंती ने दस दिसंबर 2024 को डीएम को संबोधित प्रार्थना पत्र एसडीएम बिसौली को दिया था। इसमें उसने अपने जेठ व भू-माफिया के खिलाफ शिकायत की थी। जयंती ने शिकायत में कहा था कि उसके जेठ व भू-माफिया उसे घर में नहीं रहने देते हैं। जान से मारने की धमकी देते हैं। उसने जब पुलिस से शिकायत की तो पुलिस ने भू-माफिया के दबाव में आकर उसका जेठ से समझौता करा दिया। जब वह किराए का ट्रैक्टर से खेत जोतने गई तो उसके साथ अभियुक्तों ने मारपीट की। भूमाफिया की वजह से जेठ दबंगई दिखाते हैं।
हल्का दरोगा व धर्मेंद्र नाम का सिपाही अभियुक्तों से मिला है। वह दरोगा के पास शिकायत लेकर गई थी, लेकिन दरोगा ने उल्टा गाली गलौज की और तहरीर फेंक दी। तब उसने डीएम से शिकायत करने की ठानी। एसडीएम ने मामले का संज्ञान लेते हुए लेखपाल व वजीरगंज इंस्पेक्टर को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी इस आदेश को भी दबा गए और मजबूरन जयंती को अपनी एक करोड़ की जमीन को औने-पौने दम में भू-माफिया के जरिए संजीव व पिंकू को बेचनी पड़ी।
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