उझानी (बदायूं)। नरऊ गांव में पीलिया के प्रकोप से बिगड़े हालात से बुधवार को मंडलायुक्त के आने का डर अफसरों के चेहरे पर साफ दिखा। बुधवार को सुबह से ही प्रशासनिक अमला सक्रिय दिखा। डॉक्टरों की टीम ने घर-घर जाकर मरीजों का परीक्षण किया और दवाएं भी दीं। इधर, कादरचौक रोड किनारे नाले की खुदाई ने रफ्तार पकड़ ली है। एसडीएम सदर पारसनाथ मौर्य और पालिका के जेई विनय सक्सेना की देखरेख में नाले की खुदाई को तीन जेसीबी लगा दी गईं। एसडीएम सदर दोपहर तक नरऊ गांव में डटे रहे।
उझानी के नाले का गंदा पानी नरऊ के तालाब में जाने की वजह से नलों से दूषित पानी निकल रहा है। दूषित पानी पीने से नरऊ में पीलिया फैला है। पीलिया अब तक चार लोगों की जान ले चुका है। मंगलवार को गांव पहुंचे डीएम कुमार प्रशांत को ग्रामीणों ने नलों से निकल रहा दूषित पानी दिखाया था। इलाज में लापरवाही को भी उजागर किया था। इस पर डीएम ने सीएमओ यशपाल सिंह को फटकार लगाई थी। बुधवार को गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग टीम में प्रभाकर मिश्रा, रोहित शर्मा और काजल यादव शामिल रहे।
भट्ठा मालिक ने खुद ही शुरू करा दी नाले की खुदाई
उझानी। नरऊ गांव से आगे फतेहपुर की ओर जहां तक नाले की खुदाई की जानी है, उस बीच कादरचौक रोड किनारे एक व्यक्ति का भट्ठा पड़ता है। भट्ठे के आसपास खेतों में ईंटों की पथाई के लिए मिट्टी उठा लिए जाने से वहां गहराई भी अधिक हो गई है। इसलिए भट्ठा मालिक ने अपने खेतों के पास नाले की खुदाई निजी जेसीबी से शुरू कर दी। ठेकेदार को आशंका है कि नाले से सड़क के विपरीत वाले छोर पर चकरोड ऊंचा नहीं किया गया तो नाले का पानी कारोबार प्रभावित कर सकता है।
ग्रामीणों की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है। मैं खुद भी ग्रामीणों के इलाज से लेकर नाले की खुदाई की प्रगति पर नजर रखे हुए हूं। नाले का पानी तालाब में नहीं पहुंचेगा तो नरऊ की दशा खुद ब खुद ठीक हो जाएगी।
- पारसनाथ मौर्य, एसडीएम, सदर