बिल्सी के साहबगंज जैन मंदिर में भगवान जिनेन्द्र का जलाभिषेक कर पूजा करते लोग। संवाद
बिल्सी। नगर के मोहल्ला स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार को जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ स्वामी का मोक्ष कल्याणक दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान जिनेन्द्र का मंगल जलाभिषेक कर किया गया। इसके बाद उनके अनुयायियों ने विशेष पूजा अर्चना की।
श्री दिगम्बर जैन महासमिति के मंडलाध्यक्ष पीके जैन ने बताया कि नेमिनाथ भगवान का मोक्ष गिरनार पर्वत पर हुआ था। आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी को चित्रा नक्षत्र में 536 मुनियों के साथ उनको मोक्ष मिला था। यह घटना जैन धर्म के अनुयायियों के लिए एक महत्वपूर्ण उत्सव है, जिसे मोक्ष कल्याणक के रूप में मनाया जाता है। नेमिनाथ भगवान जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर थे और उनका जीवन अहिंसा, तपस्या और ज्ञान के प्रचार में बीता। गिरनार पर्वत को उर्जयंत पर्वत भी कहा जाता है। उनके मोक्ष का स्थान है। भगवान नेमिनाथ को पशुओं की बली देखकर वैराग्य पैदा हुआ था, उसी के बाद उन्होंने जैनेश्वरी दीक्षा धारण कर ली। इस मौके पर ज्योति जैन, नीलम जैन, शालिनी जैन, मानसी जैन, काशवी जैन, प्रियांश जैन आदि मौजूद रहे।