बिगड़ते लिंग अनुपात को कम करने और बेटियों को बचाने के लिए नगर में जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के बाद गोष्ठी हुई जिसमें बेटियों की कम होती संख्या पर चिंता जताई गई। गोष्ठी में भ्रूण परीक्षण और अल्ट्रासाउंड से होने वाले नुकसानों के बारे में भी बताया गया। रैली में कई कॉलेजों की छात्राओं ने हिस्सा लिया।
रैली की शुरूआत एडीएम प्रशासन अशोक श्रीवास्तव ने जीजीआईसी से हरी झंडी दिखाकर की। उन्होंने कहा कि अगर बेटी नहीं होगी तो समाज का विघटन हो जाएगा। सामाजिक संतुलन के लिए बेटा और बेटियों के बीच अंतर खत्म करना होगा। रैली पुलिस लाइंस चौराहा, इंदिरा चौक, एसके इंटर कॉलेज, लावेला चौक, वन विभाग आदि स्थानों से होते हुए जीजीआईसी जाकर सम्पन्न हुआ।
इसके बाद कालेज में गोष्ठी हुई। गोष्ठी में बेटियों की घट रही संख्या पर चिंता जताई गई। लोगों से बेटियों को कोख में नहीं मारने की अपील की गई। बताया गया कि अब बेटा और बेटी में कोई अंतर नहीं है। इस मौके पर एसडीएम प्रदीप यादव, एसीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार समेत डॉ. कौशल गुप्ता, डॉ. शकील, डॉ. बीपी सिंह, डॉ. आरएन हरित आदि रहे।