मंडी समिति परिसर स्थित इफको के खाद वितरण केंद्र पर तड़के से जुटे किसानों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब उन्हें यूरिया का स्टॉक खत्म होने की जानकारी दी गई। नाराज महिलाओं ने केंद्र प्रभारी को खोरी-खोटी सुना दी। इसके बाद नारेबाजी करते हुए किसान मंडी गेट पर पहुंचे और बरेली-मथुरा हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिस के समझाने पर किसान हाईवे से हट गए लेकिन मंडी परिसर में अफरातफरी का माहौल बना रहा।
मंडी परिसर स्थित इफको खाद वितरण केंद्र पर शनिवार तड़के से ही आसपास इलाके के किसानों के साथ महिलाओं की भीड़ जुट गई। केंद्र प्रभारी जितेंद्र सिंह ने किसानों को बताया कि यूरिया का स्टॉक नहीं है। यह सुनते ही लाइन में लगीं महिलाओं ने केंद्र प्रभारी को खोरी खोटी सुनानी शुरू कर दी।
महिलाएं धरना पर बैठ गईं तो पुरुष नारेबाजी करते हुए मंडी गेट पर पहुंच गए। उन्होंने हाईवे पर साइकिलें खड़ी करके जाम लगा दिया और अफसरों के खिलाफ नारेबाजी। जाम स्थल से निकलने की कोशिश में बरेली डिपो की बस चालक से प्रदर्शनकारियों की नोकझोंक भी हुई। सूचना के बाद दरोगा सीएल यादव पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिसकर्मियों के समझाने पर भीड़ हाइवे पर से हट गई। प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी में ही पुलिस ने केंद्र प्रभारी से बात की। पुलिस ने अगले दिन यूरिया आ जाने की बात कहकर किसानों को शांत कराया। प्रदर्शन करने वालों में दुर्वेश पाल, राजपाल, नंदकिशोर, भूरे, किशनपाल, सर्वेंद्र, नवल किशोर, सतीश चंद्र, विजय, आदर्श आदि शामिल थे।
चार दिन में मिली 80 टन यूरिया
उझानी। मंडी परिसर स्थित इफको केंद्र पर गत दिवस तक यूरिया का वितरण किया गया लेकिन किसानों को जरूरत के हिसाब से खाद नहीं मिल पाया। जिसे चार-पांच कट्टों की आवश्यकता है, उसे महज एक-दो कट्टे ही मिल पाए। चार दिन के अंदर स्थानीय केंद्र पर 80 टन यूरिया अनलोड हुई है। इसके विपरीत डिमांड डेढ़ सौ टन यूरिया की भेजी गई थी।
इफको के अफसरों से यूरिया भेजने को लेकर बात हुई है। सुबह में 30 टन यूरिया मिलने की उम्मीद है। बाद में एक और खेप जल्द अनलोड होगी। इसके बाद किल्लत खत्म हो जाएगी।
- जितेंद्र सिंह, केंद्र प्रभारी, उझानी।