सिंचाई संघ के कर्मचारियों ने अपनी 20 सूत्री लंबित मांगों के बारे में लखनऊ प्रदर्शन की समीक्षा की गई।
इस मौके पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन के अनुभव साझा किए। विधानसभा कूच के ऐलान पर किस प्रकार प्रमुख अभियंता ने उनके बीच आकर ज्ञापन लिया और एक माह में मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया। इस पर भी चर्चा हुई। कर्मचारियों ने कहा है कि अगर एक माह में उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो दोबारा उससेे भी बड़ा आंदोलन करेंगे।
सिचंाई सघ की विभागीय परिसर में आयोजित बैठक में आंदोलन की समीक्षा में बताया गया कि आठ अप्रैल को सिंचाई संघ के 120 सदस्य दो बसों से राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष मोहन स्वरूप गुप्ता और संघ के जिलाध्यक्ष अवधेश मिश्रा के निर्देशन में सिंचाई विभाग लखनऊ पहुंचे थे। यहां कई जिलों के कर्मचारी प्रदर्शन में शामिल हुए। विभागीय अधिकारी खाली कुर्सियां छोड़ चले गए। दोपहर दो बजे तक जब उनका ज्ञापन लेने कोई नहीं आया तो प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा घेराव को कूच का ऐलान कर दिया। इससे घबराकर प्रमुख अभियंता सिंचाई पहुंचे और उन्होंने ज्ञापन लिया और आश्वासन दिया कि उनकी अपने स्तर की समस्याएं हल कर देंगे और शासन स्तर की मांगों को शासन को लिखेंगे। इस मौके पर परिषद के जिलाध्यक्ष गुप्ता ने कहा कि प्रांतीय अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह ने उस समय संतोष व्यक्त किया है और कर्मचारियों को उनके निर्देश पर आगे अगर आंदोलन की जरूरत पड़ती है तो तैयार रहने की जरूरत है।
बैठक में ड्राइंग स्टाफ एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा, सिंचाई संघ के जिला मंत्री सत्येंद्र पाल सिंह शाक्य ने भी चर्चा में भाग लिया। इस मौके पर अशोक कुमार उर्फ सिंघल, छोटेलाल, रामवीर सिंह, अवधेश कुमार मिश्रा, जितेंद्र पाल सिंह, शाहमीर खां, आर्येंद्र पाठक, वीर सिंह, अवधेश कुमार सिंह, रामवीर सिंह आदि मौजूद रहे।