घर के सामने है राशन की दुकान, लेकिन राशन लेने जाना पड़ता है एक किलोमीटर दूर। यह हाल कहीं और नहीं अपने कस्बे का है। गांवों का भी हाल बेहाल है। कई गांवों में एक माह छोड़कर राशन बांटा जा रहा है।
कस्बे के लोगों की मानें तो यहां के राशन डीलरों ने पूर्ति अधिकारियों से मिलीभगत कर राशन की दुकान का एरिया खुद ही तय कर लिया है। इस कारण दुकानें पास होकर भी दूर हो गई हैं। अब हालत ये है कि एक वार्ड छोड़कर तीसरे वार्ड में लोग राशन लेने जाते हैं। बुजुर्गों की तो पैदल जाने से हालत ही खराब हो जाती है। ऊपर से राशन का पता ही नहीं लगता कि कब आया और कब बंट गया। क्षेत्र के उपभोक्ताओं का कहना है कि राशन डीलर और पूर्ति अधिकारियों की मिलीभगत से ब्लाक क्षेत्र और कस्बे में खेल चल रहा है। गांव के राशन डीलर तो एक माह छोड़कर राशन बांट रहे हैं। शिकायत करने वालों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। गांव अलीनगर, अल्लेहपुर, राजथल, जसुपुर, जगदीशपुर, मेहरोला, मोजुद्दीनगर में तो एक माह छोड़कर ही राशन बांटा जा रहा है। ऊपर से धमकी दी जा रही है जो कर पाओ, कर लेना। राशन ऐसे ही बंटेगा। कुछ लोगों ने तहसील दिवस में जिलाधिकारी के समक्ष ये शिकायत भी रखी, लेकिन उस पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। अब लोगों ने क्षेत्रीय सांसद से कार्रवाई कराने की गुहार लगाई है।