प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने शनिवार को सहसवान तहसील के बाढ़ग्रस्त गांवों का दौरा किया। उन्होंने गंगा-महाबा बांध का स्थलीय निरीक्षण कर बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से बात की। बांध पर कटान होने पर उन्होंने नाराजगी जताई और बाढ़ खंड के अधिकारियों को कटान रोकने के लिए जरूरी इंतजाम करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल हालात से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार रहें। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पेयजल, दवाइयां, खाद्यान्न आदि की विशेष व्यवस्था रखें। बैठक में डीएम अनिता श्रीवास्तव, सीडीओ शेषमणि पांडेय समेत जिला स्तरीय अधिकारी रहे।
बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करने से पहले सिंचाई मंत्री ने विकास भवन सभागार में बैठक कर बाढ़ से निपटने के लिए अब तक किए गए प्रबंधों की समीक्षा की। पशु चिकित्सा विभाग की ओर से सिंचाई मंत्री को बताया कि 29 बाढ़ चौकियों पर स्टाफ की तैनाती कर गांवों में पशु टीकाकरण कराया जा रहा है। सीएमओ को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दवाओं की उपलब्धता रहनी चाहिए। समय-समय पर मच्छरनाशक दवाओं का छिड़काव कराते रहें। पूर्ति विभाग को खाद्यान्न की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित इलाकों की सड़कों को चलने योग्य बनाएं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में मानक के अनुरूप बिजली सप्लाई करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान पर काम कर रही है। इसके लिए बदायूं में भी कार्ययोजना बनाएं। बैठक के बाद सिंचाई मंत्री सहसवान पहुंचे। यहां उन्होंने गंगा-महाबा बांध के बीच बसे गांवों का दौरा किया। धापड़ में भी बाढ़ के हालात का जायजा लिया।