बदायूं। दातागंज कोतवाली की समरेर चौकी से दोहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी भाग गया था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने इसे छिपा दिया। अमर उजाला ने 19 अगस्त के अंक में इस लापरवाही को उजागर किया तो एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने इसका संज्ञान में लिया। पूरे मामले की जांच सीओ उझानी डॉ. देवेंद्र सिंह को सौंप दी गई है। एसएसपी ने दातागंज कोतवाल व चौकी इंचार्ज को तलब किया है। वहीं, अभियुक्त की मेडिकल रिपोर्ट लापरवाह पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की गाज तय करेगी। आखिर किस स्तर पर किसकी गलती से अभियुक्त चौकी से भाग निकला।
14 अगस्त की देर रात दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव वीरमपुर में शांति देवी (70) व उनकी बेटी जयंती की चाकू से गोदकर नृशंस हत्या कर दी गई थी। इसमें जयंती का मौसेरा भाई विपिन संदिग्ध परिस्थितियों में घायल हुआ था। पुलिस ने शुरूआत में विपिन को ही हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त माना था।
पुलिस ने दातागंज सीएचसी पर उसका मेडिकल परीक्षण कराया। पूछताछ के लिए उसे 16 अगस्त को समरेर पुलिस चौकी ले जाया गया था। जहां से विपिन पुलिस को चकमा देकर भाग गया था। वह दौड़ते हुए गांव के अंदर घुस गया। जहां ग्रामीणों ने उसकी हरकत व दौड़ते देख उसे दबोच लिया था। उसकी जमकर पिटाई कर दी थी, जिससे उसकी आंख में चोट आ गई थी। इसी बीच मौके पर पहुंची पुलिस उसे पकड़कर चौकी ले आई थी, जिससे पुलिस ने राहत महसूस की थी।
अधिकारियों को किया गुमराह, मेडिकल रिपोर्ट बनेगी कार्रवाई का आधार
अभियुक्त के भागने की भनक पुलिस अधिकारियों को उसी दौरान लग गई थी, लेकिन उसकी समय रहते हुई गिरफ्तारी के बाद चौकी पुलिस ने अधिकारियों को गुमराह करने का काम किया था। इसके चलते पुुलिस ने भागने की घटना पर पर्दा डाल दिया। इसी वजह से हड़बड़ी में पुलिस को अपनी लापरवाही छुपाने के लिए अगले दिन ही 17 अगस्त को दोहरे हत्याकांड का खुलासा करना पड़ गया, लेकिन अभियुक्त के भागने की जानकारी उजागर होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने संज्ञान ले लिया है।
दोहरे हत्याकांड के अभियुक्त के चौकी से भागने का मामला प्रकाश में आया है। इस मामले की जांच सीओ उझानी को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट में जो भी पुलिस कर्मी दोषी पाए जाएंगे। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. ब्रजेश सिंह, एसएसपी