सिखोई गांव में इसी ट्रांसफॉर्मर से जोड़ी गई निजी नलकूपों की लाइन। संवाद
कुंवरगांव। सिगोई गांव में सरकारी ट्रांसफार्मर से निजी नलकूपों को विद्युत सप्लाई शुरू करने की शिकायत पर अधीक्षण अभियंता ने जांच शुरू करा दी है। गठित जांच टीम को सात दिन के अंदर अपनी रिपोर्ट देनी है। इसके बाद जेई और एक संविदा कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।
सिगोई गांव की बिजली आपूर्ति के लिए ट्रांसफॉर्मर काफी समय पहले लगाया गया था, लेकिन उससे गांव को कभी नियमित सप्लाई नहीं मिली। आंधी में खंभे टूटने पर विद्युत निगम के अधिकारियों ने ट्रांसफॉर्मर से तीन निजी नलकूपों को कनेक्शन देकर सप्लाई चालू कर दी।
ग्रामीणों का कहना है कि बीते करीब एक माह से यह लाइन चल रही है, जिससे ट्रांसफॉर्मर पर अतिरिक्त लोड बढ़ गया। इससे गांव में लो वोल्टेज की समस्या उत्पन्न हो गई है। घरों में बिजली उपकरण सही से नहीं चल पा रहे, वहीं किसानों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। मामले में बिना स्वीकृत एस्टीमेट के पोल खड़ा कर लाइन डालने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
शिकायत के बाद गठित टीम में अधिशासी अभियंता नागेन्द्र सिंह और अधिशासी अभियंता परीक्षण केके शर्मा को शामिल किया है। यह टीम जांच कर सात दिन में टीम एसई को देगी।
मामले की शिकायत मिलने के बाद जांच टीम गठित कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद जो अधिकारी कर्मचारी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - अजय कुमार अधीक्षण अभियंता