उझानी (बदायूं)। अब्दुल्लागंज निवासी करीब दो दर्जन लोगों के बैंक खातों में बाहर से रकम ट्रांसफर कराने व उसे खाताधारकों की बजाय खुद ही निकाल लेने के मामले में पुलिस ने गुरुवार को आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। उससे पूछताछ शुरू कर दी गई। आरोपी युवक ने हवाला धंधेबाजों से संबंध होने से इंकार कर दिया। हालांकि नोएडा और दिल्ली में काम करने वाले करीबी प्रापर्टी डीलरों के बारे में पुलिस को जानकारी मुहैया कराई है। वह दूसरों के खातों में रकम क्यों ट्रांसफर करता है, यह अभी तक पता नहीं चल सका है। हालांकि बैंक ने शिकायत करने वाले तीन लोगों के खातों से लेनदेन पर रोक जरूर लगा दी है।
यह पूरा मामला दो दिन पहले कोतवाली पुलिस के संज्ञान में उस समय आया जब अब्दुल्लागंज निवासी खाताधारकों में रकम को लेकर हवाला के खेल का शक हुआ। करीब दो दर्जन लोगों के खाते मार्च में अब्दुल्लागंज के ही एक युवक ने यूनियन बैंक के उझानी शाखा में खुलवाए थे। इस मामले में जब खाताधारक अजय कुमार शर्मा ने आरोपी युवक की भूमिका पर शक जताते हुए कोतवाली पुलिस को तहरीर दी तो बात पूरे गांव में फैल गई। गुरुवार को पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। शाम तक पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को कुछ भी खास नहीं बताया। इससे पुलिस का उस पर शक और गहरा गया है। हालांकि उसने पुलिस को उस व्यक्ति का नाम बता दिया है जिसके प्रलोभन में आकर ग्रामीणों के खाते खुलवाए थे। आरोपी युवक की मानें तो इसका हवाला के धंधे से कोई लेना देना नहीं है। पूछताछ में युवक से जो जानकारी मिली है, उसकी जांच के लिए पुलिस को दिल्ली व नोएडा में भी जाकर जांच करनी होगी। युवक ने जिस आदमी का नाम बताया है वह नोएडा का निवासी बताया जाता है। अब्दुल्लागंज निवासी आरोपी युवक भी नोएडा में ही उसके संपर्क में आया था।
पुलिस बैंक से नहीं ले पाई सभी खातों की डीटेल
पुलिस बैंक से खातों की डीटेल भी अब तक नही जुटा पाई है। मार्च से लेकर पिछले महीना तक किसके खाते में कितनी रकम आई, यह भी जांच का विषय है। उधर, तीन दिन पहले अब्दुल्लागंज निवासी खाताधारकों में जिन तीन लोगों ने खाता खुलवाने वाले युवक की शिकायत की, उन तीनों खातों से रकम के लेनदेन पर रोक लगा दी गई है। बाकी के खाताधारक गुरुवार को भी बैंक नहीं पहुंचे। ग्रामीणों के खाता खुलवाने के आरोपी इसी युवक ने उनकी पास बुक व एटीएम कार्ड अपने पास रख लिए थे। मामला उजागर होने के बाद बुधवार को उसने दो-तीन खाताधारकों के एटीएम कार्ड लौटा दिए थे।
बैंक कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध, खाताधारकों के
मोबाइल नंबर की जगह खातों पर था युवक का नंबर
अब्दुल्लागंज निवासी ग्रामीणों के खातों में रकम को लेकर बैंक कर्मियों की भूमिका रही है या नहीं, यह जांच का विषय है। पर इस मामले की प्राथमिक जांच में बैंक कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध जरूर नजर आ रही है। अधिकतर खातों में वही सेलफोन फीड कराया गया है जो आरोपी युवक के लिए मुफीद था। किस खाते में कब कितनी रकम आई और कब उसे निकाला गया, यह इसलिए भी खाताधारकों को पता नहीं चला क्योंकि लेनदेन का मैसेज उनके मोबाइल फोन पर पहुंचा ही नहीं। बैंक मैनेजर जितेंद्र कासनवाल ने बताया कि वही खाते होल्ड पर हैं जिसकी शिकायत मिली है। इससे आगे की जानकारी वह किसी से भी शेयर नहीं कर सकते। पुलिस जो जानकारी चाहेगी, मुहैया करा देंगे।
मामले के तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। जिस युवक ने खाते खुलवाए हैं, उससे पूछताछ चल रही है। जांच में कोई मामला पकड़ में आया तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा। निष्कर्ष तक पहुंचने में थोड़ा समय जरूर लगेगा। - विनोद कुमार चाहर, प्रभारी निरीक्षक।