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Budaun News: चोरी हुई बाइक का क्लेम न देने पर इंश्योरेंस कंपनी को झटका

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बदायूं। स्थायी लोक अदालत ने सात वर्ष पुराने बीमा विवाद में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को वादिनी को बीमा राशि, ब्याज और क्षतिपूर्ति दो माह के भीतर अदा करने का आदेश दिया है। न्यायालय ने माना कि कंपनी ने चोरी हुए वाहन के दावे के निस्तारण में अनुचित विलंब किया और सेवा में स्पष्ट कमी बरती।
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वादिनी विमलेश, पत्नी उपनिरीक्षक प्रमोद कुमार ने अपनी मोटरसाइकिल UP-24 Q-5318 का बीमा ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी से कराया था। बीमा पॉलिसी 31 जुलाई 2017 से 30 जुलाई 2018 तक वैध थी।
16 अगस्त 2017 की अपराह्न दो बजे उनकी बाइक जिला अस्पताल से चोरी हो गई। चोरी की रिपोर्ट 18 अगस्त 2017 को कोतवाली बदायूं में दर्ज कराई गई थी। वादिनी का कहना था कि चोरी की सूचना और सभी आवश्यक कागजात समय से बीमा कंपनी को दे दिए गए, फिर भी कई वर्षों तक दावा निस्तारित नहीं किया गया।
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ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी ने अपने पक्ष में कहा कि वाद बहुत देर से योजित किया गया, वादिनी ने मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए, वाहन चालक का ड्राइविंग लाइसेंस वैध अवधि में नहीं था और वाद अवधि-बाधित है, इसलिए खारिज होना चाहिए। पीठ ने कहा कि चोरी के मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता का प्रभाव नहीं पड़ता, सर्वेयर रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से चोरी की घटना सही पाई गई, बीमा कंपनी को सभी दस्तावेज जांच के दौरान उपलब्ध कराए जा चुके थे, और भुगतान न करना सेवा में कमी है।
इस आधार पर अदालत ने वादिनी की याचिका को पूर्णतः स्वीकार कर लिया। स्थायी लोक अदालत ने निर्णय देते हुए कहा कि बीमा कंपनी दो माह में बीमा की पूरी धनराशि का भुगतान करे। वाद दायर करने की तिथि 27 सितंबर 2018 से लेकर भुगतान तक 8% वार्षिक साधारण ब्याज भी अदा किया जाए। इसके अतिरिक्त मानसिक एवं शारीरिक क्षतिपूर्ति हेतु 10,000, तथा वाद व्यय 10,000 भी वादिनी को दिए जाएं। निर्णय अध्यक्ष इश्तियाक अली, सदस्य राकेश कुमार रस्तोगी तथा सदस्या स्वदेश कुमारी की पीठ ने शुक्रवार को यह आदेश न्यायालय में सुनाया।
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