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कादरचौक में फिर शुरू हुआ ‘खनन का खेल’

Sun, 22 Mar 2015 08:51 PM IST
Kadrchauk
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बिना पट्टा खुले ही जिले के कादरचौक इलाके में धड़ल्ले से खनन हो रहा है। माफिया प्रशासन को ठेंगा दिखाकर प्रतिदिन 200 से 250 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बालू खनन कर रहे हैं। रात भर टैक्ट्रर-ट्रॉलियां से बालू ढोई की जा रही है। प्रशासन के प्रयास पर कुछ दिनों को यह धंधा बंद हो जाता है। इसके बाद फिर चलने लगता है।
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जिले में केवल कछला गंगा घाट का पट्टा प्वाइंट खुला हुआ है, लेकिन मांग के अनुरूप इससे बालू की पूर्ति नहीं हो पा रही है। इसका फायदा उठाते हुए बालू खनन माफिया कादरचौक क्षेत्र के गंगा किनारों को अपना निशाना बना रहे हैं। बीच में कई बार इस प्वाइंट से खनन के खिलाफ अभियान चलता रहा है। अभियान के समय पहले से की खनन माफिया को सूचना मिल जाती है। अब फिर बालू खनन जोरों पर है। रात में जेसीबी और दिन में मजदूरों से गंगा किनारे खनन कराया जा रहा है।
कादरचौक क्षेत्र में यह हैं अवैध खनन के अड्डे
कादरचौक क्षेत्र में कासगंज के तिलक नगला के अलावा गंगा किनारे के गांव रेसी नगला, सिमरा, गंगपुर, भदरौल के रकबों से जमकर खनन हो रहा है। तिलक नगला पर तैनात लेखपाल ओमप्रकाश ने थाना कादरचौक पुलिस को लिखकर भी दिया कि उनके हल्के में अवैध बालू खनन हो रहा है, लेकिन पुलिस कानों में तेल डाले बैठी है।
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सफेदपोशों का है संरक्षण
कादरचौक में खनन करने वालों को सफेदपोशों का संरक्षण है। प्रशासन की सख्ती के बाद भी खनन होता रहता है। क्षेत्रीय लोगों का मानना है कि इस धंधे में अच्छी कमाई होने के कारण सफेदपोशों के जुड़े होने से ही खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं। ऐसे में पुलिस भी बीच में पूरा फायदा उठाती है।
महीने में 22.50 करोड़ का हो रहा है धंधा
अवैध रूप से खनन से बिकने वाली टैक्टर-ट्रॉली कम से कम तीन हजार रुपये में बिकती है। प्रतिदिन 250 ट्रैक्टर ट्रालियां खनन हो रहा है। इस प्रकार पूरे महीने में एक अनुमान से 22.50 करोड़ का खनन माफिया अकेले कादरचौक क्षेत्र में ही खेल कर रहे हैं। इसके अलावा उसावां और अन्य क्षेत्रों में खनन माफिया सक्रिय हो गए हैं। सूत्र बताते हैं कि इस काली कमाई में वर्दी वालों, सफेदपोश और दबंगों की भी महीनेदारी बंधी है। सो वह आंखें मूंदे रहते हैं। अगर प्रशासन सख्ती करता है, तो इनके रेट और बढ़ जाते हैं। माफिया ट्रॉली के रेट बढ़ा देते हैं।
खनन माफिया अगर फिर कादरचौक क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं, तो कार्रवाई होगी। इस बार पुलिस की संलिप्तता की भी जांच कराई जाएगी। जो दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। जुर्माना ही नहीं जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
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- अशोक कुमार श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन
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