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Budaun News: इमरती ने डीएम से लगाई न्यास की गुहार, बोली- समाधान की जगह मिली सजा

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अपनी बात बाताती पीड़ित इमरती देवी। संवाद
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बदायूं। ड्रेस सिलाई का भुगतान न मिलने पर 22 वर्षीय इमरती देवी ने अब डीएम से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। उसने बताया कि समाज कल्याण अधिकारी ने भुगतान करने के बजाय उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। उसकी मां को भी स्कूल से निकाल दिया गया है।
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प्रदेश सरकार की ओर से मिशन शक्ति चलाकर बेटियों को मजबूत करने का नारा दिया जा रहा है, लेकिन इमरती देवी न्याय के लिए भटक रही है। दातागंज क्षेत्र के गांव समरेर की 22 वर्षीय इमरती ने समरेर के आश्रम पद्धति आवासीय स्कूल में पढ़ाई की थी। यहीं से उसे तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी ने स्कूल की ड्रेस सिलने का ठेका दे दिया। उसने बताया कि वह बहुत गरीब है। उसके पिता दिल्ली में मजदूरी करते हैं। मां भी इसी स्कूल में बतौर वार्डन काम कर रहीं थी। ड्रेस सिलने के लिए इमरती को कपड़ा भी स्कूल से ही मुहैया कराया गया था। उसने ने रात-दिन मेहनत कर 5200 पीस ड्रेस के तैयार कर दिए।
इसके लिए उसने कर्ज पर पैसे लेकर कारीगर भी लगाए थे। जब ड्रेस तैयार हो गईं तो स्कूल प्रबंधन ने लेने से मना कर दिया। उस समय बदायूं में तैनात रहे समाज कल्याण अधिकारी राम जनम का भी ट्रांसफर हो गया। वह भुगतान के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाती रही।
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जब अधिकारियों ने उसे अनसुना कर दिया तो उसने क्षेत्रीय विधायक राजीव कुमार सिंह से फरियाद की। क्षेत्रीय विधायक के हस्तक्षेप के बाद इमरती से स्कूल प्रबंधन ने 2200 ड्रेस ले लिए और उसका भुगतान कर दिया। अभी भी उसके घर में तीन हजार ड्रेस रखे हैं। इमरती अपना हक मांगने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रही है। शनिवार को उसने डीएम को शिकायती पत्र देकर जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है। अब डीएम ने भरोस दिया गया कि न्याय दिया जाएगा।

कोट,
- जितने भी ड्रेस स्कूल को मिले हैं, उसका भुगतान करा दिया गया है। स्कूल के पास अन्य ड्रेस नहीं पहुंची हैं। इस मामले में जांच कराई जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। अगर उसने अधिक ड्रेस स्कूल में दी हैं तो उसका विवरण दिखाए। अगर सही है तो उसका भुगतान कराया जाएगा। - मीनाक्षी वर्मा, समाज कल्याण अधिकारी

अपनी बात बाताती पीड़ित इमरती देवी। संवाद

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