बदायूं। जिल में अवैध खनन का काला कारोबार जमकर चल रहा है। खनन माफिया ने रेत ढुलाई का तरीका पूरी तरह से बदल दिया है, जिसकी वजह से वह पकड़ में नहीं आ रहे हैं और लगातार रेत का खनन कर रहे हैं। हालांकि खनन की सूचना पर शुक्रवार को खनन विभाग की टीम ने सहसवान इलाके में छापा मारा। वहां पर टीम ने मौके से रेते से भरी सात अवैध बैलगाड़ी को पकड़ लिया। वहां से बैलगाड़ी चालक भाग गए। सभी बैलगाड़ी को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
जिले के उसहैत इलाके में ही खनन विभाग द्वारा एक व्यक्ति को रेत खनन करने की अनुमति दी है। जहां से रोजाना रेते का खनन हो रहा है, लेकिन उनकी आड़ में माफिया जिले में बड़े पैमाने पर रेत का खनन तेजी से कर रहे हैं। हालांकि खनन माफिया ने अधिकारियों की निगाहों से बचने के लिए रेत ढुलाई के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है। माफिया का ये तरीका कुछ कारगर भी साबित हो रहा है। कादरचौक से लेकर कछला तक जमकर रेत का अवैध खनन हो रहा है। यहां तक कि सहसवान इलाका भी इससे अछूता नहीं हैं। जिला खनन अधिकारी नरेंद्र सिंह को सूचना मिली कि सहसवान मेें रेत का अवैध खनन हो रहा है तो वह सुबह ही अपनी टीम के साथ में सहसवान पहुंच गए। उन्होंने महाबा नदी के पास से सात बैलगाड़ी रेते से भरी पकड़ी। हालांकि टीम को आता देख लोग वहां से फरार हो गए। वहीं खनन विभाग की टीम ने पुलिस की मदद से उन बैलगाड़ी को कोतवाली में खड़ा करवाया है।
चार माह में 45 वाहन पकड़े
खनन विभाग की रिपोर्ट पर गौर करें तो अक्तबूर 2019 से लेकर जनवरी 2020 तक विभाग द्वारा अवैध खनन के खिलाफ सघन अभियान चलाया गया है। इस दौरान उन्होंने करीब 45 वाहनों को पकड़ा है। पिछले हफ्ते उझानी में तीन और अलापुर में एक ट्रैक्टर टाली को पकड़ा गया है। हालांकि यह विभागीय कार्रवाई है जबकि वास्तविकता ये है कि जिले में जमकर अवैध खनन हो रहा है जो विभाग की नजर में ही नहीं आता, या फिर जानबूझकर नजर में लाया नहीं जाता। खनन के ठेके की आड़ में माफिया जमकर अवैध कामों को भी अंजाम दे रहे हैं।
सहसवान इलाके में छापा मारा गया था। वहां से सात बैलगाड़ी रेते से भरी मिली। उनको कब्जे में लेकर पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि हमारे पहुंचने से पहले बैलगाड़ी चालक वहां से फरार हो गए।
- नरेंद्र सिंह, जिला खनन अधिकारी
अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जिले में खनन नहीं होने दिया जाए। जो भी खनन करता है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। किसी भी दशा में माफिया को छोड़ा नहीं जाएगा।
- कुमार प्रशांत, डीएम