नोडल अधिकारी एसपी सिटी ने दिए जरूरी दिशा निर्देश
यूपी 100 को अब सूचना मिलने के बाद समय से घटनास्थल पर पहुंचना ही होगा। अगर इसमें देर होती है तो एक-एक मिनट का हिसाब भी देना होगा। नोडल अधिकारी एसपी सिटी कमल किशोर ने इस संबंध में सभी पीआरवी को दिशा निर्देश दिए हैं। पिछले दिनों लेट-लतीफी की शिकायतों पर उन्होंने एक दर्जन से ज्यादा यूपी 100 को नोटिस भी जारी किए थे। इसके बाद सुधार भी हुआ है।
जिले भर में अलग-अलग प्वाइंट पर 60 यूपी 100 गाड़ियां तैनात हैं। इनकी लोकेशन भी सिस्टम पर रहती है। कॉल मिलने के बाद यूपी 100 को अधिकतम 35 मिनट में घटनास्थल पर पहुंचना होता है। इसके बावजूद कई बार यूपी 100 के देरी से पहुंचने की शिकायतें मिलती हैं। अगर यूपी 100 समय से पहुंच जाती है तो अपराधियों को कई बार मौके पर ही दबोच भी लिया जाता है। ऐसे में, अधिकारियों ने यूपी 100 की लेट-लतीफी को गंभीरता से लिया है। पिछले दिनों जिले भर में 14 यूपी 100 को लेट-लतीफी के नोटिस के बाद अब दिशा निर्देश दिए गए हैं कि अगर किसी यूपी 100 को सूचना मिलने के बाद घटनास्थल पर पहुंचने में देरी होती है तो उसको इसकी वजह बतानी होगी। इतना ही नहीं देर होने पर यूपी 100 को एक-एक मिनट का हिसाब देना होगा।
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अपराध नियंत्रण में यूपी 100 की अहम भूमिका
बदायूं। अपराध नियंत्रण में यूपी 100 की अहम भूमिका से इंकार नहीं किया सकता। ज्यादातर मामलों में पुलिस से पहले मौके पर यूपी 100 ही पहुंचती है। अच्छे कामों के लिए कई बार अधिकारी यूपी 100 की प्रशंसा भी कर चुके हैं। हालांकि, बार-बार यूपी 100 पर लेट-लतीफी का आरोप लगता है। अधिकारी अब यह चाहते हैं कि यूपी 100 से लेट-लतीफी न हो।
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हमारी कोशिश है कि यूपी 100 से लेट-लतीफी न हो। जनता का अपेक्षाओं पर यह खरी रहे। कई बार यूपी 100 के देरी से पहुंचने की शिकायत मिलती है। इसी वजह से यह निर्णय लिया गया है कि देरी से पहुंचने वाली यूपी 100 से देरी की वजह जानी जाए।
-कमल किशोर, नोडल अधिकारी यूपी 100/एसपी सिटी