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Budaun News: मांगें पूरी न होने पर 9 फरवरी को लखनऊ जाएंगी आशाएं

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जौली वैश्य
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बदायूं। मालवीय आवास गृह पर लगातार 44 दिन से आशा कार्यकर्ता अपनी मांगों के निदान के लिए धरने पर हैं। वह प्रोत्साहन राशि और पारिश्रमिक न मिलने से परेशान हैं। उनकी मानदेय वृद्धि, ईपीएफ, ईएसआई ग्रेच्युटी नहीं मिलने के साथ ही कई अन्य मांगें हैं। उनका कहना है कि अगर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो वह 9 फरवरी को धरना प्रदर्शन करने लखनऊ रवाना होंगी।
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आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि दशकों से सरकार हमारे सवालों पर चुप्पी साधे हुए है। इससे धैर्य की सीमा समाप्त हो गई है। प्रोत्साहन राशि देने में सरकार के पसीने छूटते हैं। पिछले एक दशक में 1.5 लाख करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि का घोटाला चला आ रहा है। सरकार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन भी इस प्रोत्साहन राशि घोटाले के बारे में कुछ बोलने को तैयार नहीं।
जिलाध्यक्ष जौली वैश्य ने बताया कि प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना के तहत आयुष्मान कार्ड और आभा आईडी बनाने के सापेक्ष 225.2 करोड़ रुपए की अदायगी देश भर की आशाकर्मियों की लंबित है। पिछले दशक की तरह इस बार भी इसे न देने का इरादा है। न ही सरकार की ओर से न्यूनतम वेतन, ईपीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी देने का इरादा है, जबकि 2013 में ही भारतीय श्रम सम्मेलन ने राज्यकर्मी का दर्जा देकर न्यूनतम वेतन सहित सभी सुविधाएं देने की सिफारिश की थी।
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आशा कार्यकर्ताओं ने बताई अपनी-अपनी परेशानी

पिछले 44 दिन से लगातार धरना जारी है। मांगों पर अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है, जब तक मांग पूरी नहीं हो जातीं, धरना तब तक जारी रहेगा। - जौली वैश्य




आशा कर्मी सबसे ज्यादा कार्य करती हैं फिर भी कोई सुविधा नहीं है। हमें न्यूनतम वेतन के साथ ईपीएफ, ईएसआई दी जाए, ताकि हमें भी राहत मिल सके। - मुनीशा यादव



आशा कार्यकर्ताओं का 2 लाख रुपये का जीवन बीमा है, लेकिन अब तक दुर्घटना में एक भी बीमा की राशि नहीं निकाली गई है। इसलिए हमें योजनाओं को पूरा लाभ दिया जाए। - निर्दोष राठौर

जौली वैश्य

जौली वैश्य

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