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Budaun News: नैन लड़ जइहें तो मनवा मा कसक होइबे करी...

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बदायूं क्लब में गीतकार शकील बदायूंनी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोग। स्
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बदायूं। प्रख्यात गीतकार व शायर शकील बदायूंनी की 55वीं पुण्यतिथि पर रविवार शाम बदायूं क्लब में शाम-ए- शकील कार्यक्रम में कवियों ने शकील के प्रसिद्ध फिल्मी नगमों को पेश कर लोगों का दिल जीत लिया।
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कार्यक्रम में गायक मौह उस्मान ने गीत-ए-दुखिना के रखवाले प्रस्तुत कर समां बांध दिया। विशाल शर्मा ने प्यार किया तो डरना क्या, प्रशांत दीक्षित ने हुस्न वाले तेरा जवाब नहीं, सुधीर शर्मा ने मेरे महबूब तुझे मेरी मुहब्बत की कसम, मोहित कुमार ने दिल का सूना साज व क्लब के सचिव डॉ. अक्षत अशेष ने चौहदवीं का चांद सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। अयूब खां ने नैन लड़ जइहें तो... गाया तो गायिका ओशीन ने क्लासिकल गीत मधुवन में राधिका नाचे रे, सुमन ने मुहब्बत की झूठी कहानी प्रस्तुत किए। इस अवसर पर एसडीएम विजय मिश्रा ने भी शकील बदायूंनी के तमाम नगमों को सुनाकर खूब तालियां बटोरीं। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नगर मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार पाल, राजस्व अधिकारी प्रवर्धन शर्मा, एसडीएम विजय कुमार मिश्रा, एडीएम न्यायिक कल्पना जायसवाल ने मां सरस्वती व स्वर्गीय शकील बदायूंनी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। इस मौके पर डा. रामबहादुर व्यथित, सह सचिव प्रशासन दीपक सक्सेना, मनीष सिंहल, संजय रस्तोगी, नितिन गुप्ता, रविंद्र मोहन सक्सेना आदि मौजूद रहे।

सदियों में पैदा होती है शकील बदायूंनी जैसी शख्सियत
बदायूं। आगाज द वॉइस ऑफ यूथ की ओर से रविवार को विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें शायर शकील बदायूंनी को उनकी पुण्यतिथि पर याद किया गया। संस्था के संस्थापक आमिर सुल्तानी ने कहा कि शकील बदायूंनी जैसी शख्सियत सदियों में पैदा होती है। उनका लिखा हुआ गीत, इंसाफ की डगर पर बच्चों दिखाओ चल कर हमेशा प्रासंगिक रहेगा। इसको सुनकर नौनिहालों के मन में देश प्रेम के अंकुर फूटते हैं। इसी प्रकार अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नहीं, सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं गीत भी अमर हो गया है। उन्होंने कहा कि शकील साहब ने करीब 100 सुपरहिट फिल्मों में गीत लिखें है। आठ बार उन्होंने फिल्म फेयर अवार्ड हासिल किया। सदस्य नितिन गुप्ता ने कहा कि ऐसे महान इंसान को उसी के शहर में कुछ नहीं मिला। शकील बदायूंनी के नाम से ही ऑडिटोरियम का नाम हो जाए। किसी भी चौराहे का नाम उनके नाम से होना चाहिए। यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस मौके पर सलीम रियाज़, नदीम चौधरी, इमरान खान शाहबाज हुसैन, सैयद सरवर अली, गुड्डू अली, डॉ. सलमान कुतुब, राहुल गुप्ता, अजहर सुल्तान, शमशाद सिद्दीकी आदि थे। संवाद

बदायूं क्लब में गीतकार शकील बदायूंनी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोग। स्

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